मथुरा में दो दिवसीय श्री अक्रूर मेला महोत्सव कल से होगा प्रारंभ , अप्सरा पैलेस होली गेट से निकलेगी रथ यात्रा
मथुरा। महानगर में दो दिवसीय श्री अक्रूर मेला महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन श्री अक्रूर जी रथ महोत्सव ट्रस्ट द्वारा 20 व 21 सितंबर को किया जा रहा है। समारोह में हवन पंचामृत अभिषेक रथ यात्रा संस्कृत कार्यक्रम सम्मान समारोह के कार्यक्रम किए जाएंगे। उक्त आशय की जानकारी ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. कपिलेश मोहन वार्ष्णेय ने दी।
उन्होंने बताया कि 20 सितंबर शनिवार को प्रातः श्री अक्रूर जी मंदिर अक्रूर धाम वात्सल्य ग्राम के सामने वृंदावन में 8:00 बजे समाज की सुख समृद्धि एकता एवं शांति के लिए हवन किया जाएगा उसके पश्चात ठाकुर जी का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। दोपहर 2:00 बजे अप्सरा पैलेस होली गेट से रथ यात्रा प्रारंभ होगी जो कि छत्ता बाजार द्वारकाधीश मंदिर चौक बाजार लाल दरवाजा कच्ची सड़क होते हुए वेद मंदिर मसानी पर इसका समापन होगा। 21 सितंबर रविवार को जुबली पार्क डैंपियर नगर स्थित पांचजन्य प्रेक्षागृह में मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान तथा वर्ष 2025 में सरकारी एवं विशिष्ट पदों पर चयनित समाज के प्रतिभाशाली छात्रों छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ 6:30 बजे से वार्ष्णेय समाज की महिला व बच्चों द्वारा संस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा।
इस कार्यक्रम के संयोजक डॉ. नवीन वार्ष्णेय डॉ. कपिलेश मोहन वार्ष्णेय होंगे। विशिष्ट अतिथि विनोद कुमार गुप्ता ह्रदेश गुप्ता दीपक गुप्ता कमल गुप्ता होंगे साथ ही आमंत्रित अतिथि कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी राज्यसभा सांसद तेजवीर सिंह मेयर विनोद अग्रवाल एमएलसी ठाकुर ओम प्रकाश सिंह विधायक श्रीकांत शर्मा राजेश चौधरी मेघ श्याम सिंह पूरन प्रकाश पूर्व मंत्री रविकांत गर्ग पूर्व अध्यक्ष बाल विकास परिषद देवेंद्र शर्मा होंगे।
प्रेस वार्ता के दौरान संस्था के संस्थापक कमल किशोर वार्ष्णेय, अमित वार्ष्णेय, राजू चावल वाले, डॉ पुनीत वार्ष्णेय, कोषाध्यक्ष हिमांशु वार्ष्णेय, सुशील वार्ष्णेय, भगवान दास वार्ष्णेय अन्नू पायल, नरेंद्र गुप्ता कृष्ण अपार्टमेंट, सौरभ गुप्ता, जुगल वार्ष्णेय, किशोर बाबू वार्ष्णेय,डॉ नवीन वार्ष्णेय, उपकार गुप्ता, जय नारायण वार्ष्णेय, सोनपाल गुप्ता, विकास वार्ष्णेय, विष्णु वार्ष्णेय, अखिलेश गुप्ता, नरेंद्र गुप्ता प्रमोद प्रेस, प्रेम वार्ष्णेय, ललित गुप्ता, हेमलता गुप्ता मीना गुप्ता, चंचल वार्ष्णेय आदि लोग मौजूद थे।