गोवर्धन। बीती रात मथुरा में रात्रि विश्राम के बाद वृहस्पतिवार की सुबह प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक अचानक गोवर्धन स्थित समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए। यहाँ उन्हें 44 मेडिकल स्टॉफ में से महज 10 मौके पर मिले। इस स्थिति को देख उपमुख्यमंत्री ने सीएमओ को मेडिकल स्टॉफ के निलंबन के आदेश दिए है। इससे स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है।
दरअसल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक दो दिवसीय दौर पर मथुरा में आए हैँ। बीती रात उन्होंने विश्राम रिफाइनरी टाउनशिप स्थित गेस्ट हाउस में किया था। सुबह उप मुख्यमंत्री ने अचानक गोवर्धन के समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण का निर्णय लिया। इसी के साथ उपमुख्यमंत्री कुछ ही समय बाद गोवर्धन पहुंच गए। यहाँ स्वास्थ केंद्र का हाल देखकर उनका मांथा ठनक गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जगह जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ था।
डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ के ऑफिसों में भी गंदगी थी। सामान अव्यवस्थित रखा हुआ था। यह देखकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सीएमओ संजीव यादव को फटकार लगाई। फायर सेफ्टी के बारे में डिप्टी सीएम ने जानकारी की तो स्टाफ ने उन्हें टहलाने की कोशिश की। बताया कि अभी एनओसी नहीं मिली है। इस पर ब्रजेश पाठक ने कहा कि मॉकड्रिल में इसका प्रयोग नहीं किया और इस सिस्टम को लगे करीब 3 साल हो चुके हैं जिसके बाद सब एक दूसरे को ताकने लगे।
हद तो तब और हो गई जब डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक सीपीआर बार्ड देखने पहुँच गए जहां ताला लगा था। यह देख उपमुख्यमंत्री बहुत नाराज हो गए और इसे खोलने के आदेश देते हुए कहा कि यह प्राइवेट प्रॉपर्टी नहीं है । इमरजेंसी रजिस्टर की स्थिति भी ठीक नहीं मिली। मेडिकल स्टाफ एक दूसरे पर कमियों की जिम्मेदारी डालते नजर आए। इस पर डिप्टी सीएम ने सीएमओ को मेडिकल स्टाफ को सस्पेंड करने के आदेश दिए है इस से खलबली मच गई।
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