मथुरा। महान पत्रकार, स्वतंत्रता योद्धा और कौमी एकता के अग्रदूत अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी के 95 वे शहीद दिवस पर आयोजित विचार गोष्ठी में उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए विभिन्न वक्ताओं ने पत्रकारिता में उनके अनुशरण पर जोर दिया जो व्यावसायिक हितों और सामाजिक विद्वेष का वाहक बन कर जनता के हितों से विमुख होती जा रही है ।
अखिल भारतीय सांप्रदायिकता विरोधी समिति द्वारा विद्यार्थी जी की स्मृति में आयोजित इस गोष्ठी की अध्यक्षता लोकतंत्र रक्षक सेनानी पत्रकार डा. मुरारी लाल अग्रवाल ने की। संयोजक थे मनोज गौड़। विषय प्रवर्तन करते हुए कामरेड शिवदत्त चतुर्वेदी ने स्वतंत्रता और सदभाव को अभिन्न बताते हुए विद्यार्थी जी को कौमी एकता का अग्र दूत बताया। प्रारम्भ में विद्यार्थी जी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। उपेंद्र नाथ चतुर्वेदी ने उनके दैनिक प्रताप के साम्राज्य वाद विरोधी सरोकारों की चर्चा की अहसान अहमद खान ताबिश एडवोकेट ने स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान की चर्चा की । सुशील सागर एड. ने उन्हें गांधी जी के आंदोलन और क्रांतिकारियों की गतिविधियों का समन्वय केंद्र बताया।
मथुरा रिफाइनरी कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष का. बुंदा खान ने शांति और कौमी एकता के लिए विद्यार्थी जी की शहादत को ऐसी मिसाल बताया जिसके अनुसरण को खुद गांधी जी प्रेरित हुये । कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के मथुरा महानगर संयोजक का.बी.एम.मेहता ने फांसी वादी तानाशाही से जूझने में विद्यार्थी जी से प्रेरणा लेने पर जोर दिया । समाजवादी लोक मंच के सौरभ चतुर्वेदी और सोशलिस्ट अड्डा के पवन सत्यार्थी ने विद्यार्थी जी को साम्राज्य वाद, सांप्रदायिकता और पूंजी वादी शोषण के विरुद्ध ऐसा मिशनरी पत्रकार बताया जिन्होंने कानपुर मजदूर सभा की स्थापना की थी। पूरन सिंह दिनेश चतुर्वेदी एड. अनवर फारूकी सुरेश शर्मा आदि ने भी विद्यार्थी जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
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