कारगिल में सैनिको के साथ मोदी ने मनाई दिवाली , असली मतलब आतंक के अंत का उत्सव

नई दिल्ली। दीपावली के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारगिल पहुंचकर सैनिकों के साथ उत्सव पर्व मनाया। जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि शांति बिना सामर्थ्य के संभव नहीं है। कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा युद्ध को अंतिम विकल्प माना है। दिवाली का असली मतलब आतंक के अंत के साथ उत्सव मनाना है। सेना में महिला कैडर पर बात करते हुए उन्होंने कहा इससे सेना की ताकत और बढ़ेगी।
प्रधानमंत्री मोदी साल 2014 में केंद्र की सत्ता पर आने के बाद से कई बार कारगिल पहुंचे हैं। इस दौरान मोदी ने पुरानी यादों को भी किया और जवानों को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया। पाकिस्तान का नाम लेते हुए पीएम ने कहा कि करगिल में हुआ ऐसा कोई युद्ध नहीं है जिसमें भारत ने पाकिस्तान को धूल न चटाई हो। हमने हमेशा युद्ध को अंतिम विकल्प माना है। चाहे युद्ध लंका में हुआ हो या कुरुक्षेत्र में, अंत तक इसे रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया गया है। हम विश्व शांति के पक्ष में हैं।
प्रधान मंत्री ने सैनिकों को अपने “परिवार” के रूप में संबोधित किया और कहा कि वह उनके बिना बेहतर दिवाली नहीं मना सकते थे। उन्होंने उनकी बहादुरी की भी प्रशंसा की और कहा कि पाकिस्तान के साथ कोई युद्ध नहीं हुआ है जहां कारगिल ने जीत नहीं देखी है। उन्होंने सैनिकों से कहा मेरी दिवाली की मिठास और चमक तुम्हारे बीच है।
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की तारीफ करते हुए पीएम मोदी ने कहा, द्रास, बटालिक और टाइगर हिल आपके साहस के साक्षी रहे हैं। उन्होंने कहा “कारगिल में हमारे सैनिकों ने आतंकवाद को कुचलने में कामयाबी हासिल की है। मैं इस घटना का गवाह हूं।
2014 में सत्ता में आने के बाद से विभिन्न सैन्य सुविधाओं पर दिवाली मना रहे प्रधानमंत्री ने कहा कि तीनों रक्षा बलों – सेना, नौसेना और वायु सेना – ने आयातित उपकरणों पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा देश सुरक्षित है जब इसकी सीमाएं सुरक्षित हैं और अर्थव्यवस्था मजबूत है। पिछले सात-आठ वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था 10वें से पांचवें स्थान पर पहुंच गई है।
भ्रष्टाचार को लेकर पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कुशासन ने देश के विकास की क्षमता को सीमित कर दिया है। “आज देश भ्रष्टाचार के खिलाफ एक निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है। भ्रष्ट कितना भी शक्तिशाली हो वह बच नहीं सकता बच भी नहीं पाएगा। कुशासन ने देश की क्षमता को लंबे समय तक सीमित कर दिया और हमारे विकास के रास्ते में बाधाएं डाल दीं। महिला कैडेटों को सेना में स्थायी कमीशन मिलने पर आगे प्रधानमंत्री ने कहा हमारी बेटियों के भारतीय सेना में आने से हमारी ताकत और बढ़ेगी।