अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय शिक्षक संघ वार्षिक सर सैयद दिवस समारोह का करेगा बहिष्कार
अलीगढ़ । अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) शिक्षक संघ और पूर्व छात्र संघों की एक संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) ने सोमवार को घोषणा की कि वे कल (मंगलवार को) वार्षिक सर सैयद दिवस से जुड़े सभी आधिकारिक समारोहों का बहिष्कार करेंगे और इस दिन को ‘एएमयू बचाओ दिवस’ के रूप में मनाएंगे।
राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन में संयुक्त समन्वय समिति ने उनसे अगले कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने से एएमयू अधिकारियों के इनकार के बाद विश्वविद्यालय में बढ़ते संकट में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। ज्ञापन में बताया गया है कि मानदंडों और विनियमों को कथित तौर पर दरकिनार किया जा रहा है और संस्था के भीतर लोकतांत्रिक निकाय निष्क्रिय हो रहे हैं।
पूर्व छात्र और एएमयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष, जेसीसी के संयोजक आजम बेग ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि विश्वविद्यालय के सैकड़ों पूर्व छात्रों और शिक्षकों ने रविवार शाम नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था और एएमयू के सभी पूर्व छात्रों से आह्वान किया था कि देश और दुनिया भर के ‘ओल्ड बॉयज़ एसोसिएशन’ कल एएमयू बचाओ दिवस मनाएं। उन्होंने कहा कि नियमित कुलपति के अभाव में विश्वविद्यालय को अस्तित्व के संकट का सामना करना पड़ रहा है।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) की स्थापना 1920 में हुई थी और यह मोहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल (एमएओ) से विकसित हुआ था, जिसे सात जनवरी 1877 को महान दूरदर्शी और समाज सुधारक सर सैयद अहमद खान द्वारा स्थापित किया गया था। सर सैयद अहमद खान का जन्म 17 अक्टूबर, 1817 को दिल्ली में हुआ था और उन्होंने एक ‘सिविल सर्वेंट’ के रूप में अपना करियर शुरू किया था। 27 मार्च, 1898 को उनकी मृत्यु हो गई और उन्हें एएमयू में मुख्य मस्जिद के बगल में दफनाया गया।