मथुरा: चरागाह की जमीन होगी कब्जा मुक्त, गौशालाओं में लगेंगे CCTV

कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह का आदेश—'बछिया' पैदा करने के लिए सीमन अब मात्र ₹100 में, व्यवस्थाओं में कोताही बर्दाश्त नहीं

मथुरा। उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में गौ-संरक्षण और संवर्धन को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को दो-टूक निर्देश दिए कि जनपद की समस्त गोचर और चरागाह भूमि को उप-जिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी की संयुक्त टीम बनाकर तत्काल कब्जा मुक्त कराया जाए।
मंत्री ने गौशालाओं के प्रबंधन को लेकर नई रणनीति साझा की। उन्होंने निर्देश दिए कि गौशालाओं के संचालन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दी जाए। गोबर और गो-मूत्र से बायो गैस, जैविक खाद, साबुन, फेसवाश और पेंट जैसे उत्पाद बनाकर गौशालाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जाए। सभी गौशालाओं में पारदर्शिता के लिए CCTV कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं।
नस्ल सुधार पर जोर देते हुए मंत्री ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि केवल बछिया पैदा करने वाले सीमन की कीमत ₹300 से घटाकर अब मात्र ₹100 कर दी गई है। इससे किसानों को आवारा सांडों की समस्या से मुक्ति मिलेगी और दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा।
भीषण गर्मी को देखते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि गौवंशों के लिए पीने के पानी, छाया (शेड) और हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि
चरागाहों पर नैपियर और मुरिंगा घास का प्लांटेशन किया जाए। 8 मोबाइल वेटनरी यूनिट वैन कॉल आने पर तुरंत मौके पर पहुंचे।
बीमार पशुओं का टीकाकरण और स्वास्थ्य परीक्षण नियमित रूप से हो। पशुधन मंत्री ने बताया कि पहले प्रत्येक जिले में भूसा बैंक होता था लेकिन अब प्रत्येक गौशाला में एक भूसा बैंक होगा जिसमें 10 कुंतल तक भूसा रखा जाएगा.
बैठक में विधायक पूरन प्रकाश, जिलाधिकारी सीपी सिंह समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।