हाथी पर सवार होकर आएंगी माँ भगवती दुर्गा : स्वामी पूर्णानंदपुरी
अलीगढ। शक्ति की उपासना का नवदिवसीय महापर्व शारदीय नवरात्रि 15 अक्टूबर दिन रविवार से प्रारंभ हो रहा है। नवरात्रि का पर्व वर्ष में चार बार आता है जिसमें दो गुप्त नवरात्रि और दो चैत्र व शारदीय नवरात्रि होती है। शारदीय नवरात्रि अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से प्रारंभ होते हैं। कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त प्रातः 06:30 मिनट से प्रातः 08: 47 मिनट तक एवं अभिजीत मुहूर्त प्रातः 11:48 मिनट से दोपहर 12:36 तक लगभग 48 मिनट रहेगा ।

वैदिक ज्योतिष संस्थान के प्रमुख स्वामी पूर्णानंदपुरी महाराज के अनुसार शारदीय नवरात्रि आश्विन माह की प्रतिपदा तिथि कल रात्रि 11:24 मिनट से प्रारंभ हो चुकी है जो कि आज 15 दोपहर 12:32 मिनट तक रहेगी। देवी भागवत पुराण के अनुसार महालया के दिन जब पितृगण धरती से लौटते हैं तब मां दुर्गा अपने गणों के साथ अलग अलग वाहनों से पृथ्वी पर आती हैं, इस बार भगवती दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रहीं हैं। स्वामी जी ने बताया कि इस बार शारदीय नवरात्रि पर बुधादित्य योग,शश राजयोग और भद्र राजयोग का निर्माण हो रहा है।