अलवर । राजस्थान के अलवर से उत्तर प्रदेश के मथुरा जाने के लिए आज एक और ट्रेन की सौगात अलवर को मिली। अलवर सांसद बालक नाथ ने सुबह साढ़े नौ बजे अलवर रेलवे स्टेशन पर हरी झंडी दिखाकर बाड़मेर-मथुरा ट्रेन को मथुरा के लिए रवाना किया। यह ट्रेन सुबह जयपुर से रवाना हुई थी। बाड़मेर जयपुर ट्रेन सप्ताह में पांच दिन मथुरा के लिए चलेगी। पहले यह ट्रेन बाड़मेर से जयपुर आती थी लेकिन यात्री भार के मद्देनजर इसका विस्तार मथुरा तक किया गया है।
इस नई रेल के मथुरा तक संचालन पर फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी समाजसेवी अजय सिंघल ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा है कि अब अलवर वासियों को मथुरा वृंदावन गोवर्धन के दर्शन करने जाने के लिए काफी सहूलियत हो जायेगी।
इस अवसर पर सांसद बालक नाथ ने कहा कि इस रेल के चलने से कृष्ण की नगरी मथुरा को आने जाने वाले यात्रियों को बहुत फायदा होगा और इसका समय भी बहुत अच्छा रखा गया है जिससे किसी का दिन खराब नहीं होगा। यह गाड़ी सुबह जयपुर से चलेगी और साढ़े नौ बजे अलवर पहुंचकर दोपहर में यह कृष्ण की नगरी मथुरा पहुंचेगी। उसके बाद शाम को यह रवाना होगी और रात दस बजे जयपुर पहुंचेगी।
उन्होंने बताया कि इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव बधाई के पात्र हैं। इसके बाद अब दिल्ली से रेवाड़ी आने वाली ट्रेन का भी विस्तार कराए जाने की मांग की जाएगी। उन्होंने बताया कि वंदे मातरम ट्रेन अलवर के रास्ते भी चलाई जाएगी। इस अवसर पर अलवर शहर विधायक संजय शर्मा, नगर परिषद सभापति घनश्याम गुर्जर सहित अनेक भाजपा के कार्यकर्ता मौजूद थे।
एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर यहां के उद्योगपतियों द्वारा अलवर को एनसीआर से निकालने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रस्ताव मांगे गए हैं एनसीआर का दायरा कम किया जा रहा है। पर्यावरण दृष्टि के मद्देनजर अलवर के उद्योगों को काफी बाधाएं सहन करनी पड़ रही हैं और इसका उद्योगों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने दिल्ली में मंत्रियों से बात की है और इस पर भी विचार विमर्श किया गया कि पर्यावरण दृष्टि को देखते हुए अलवर के उद्योगों को इस एनसीआर के दायरे से दूर रखा जाए।
हालांकि उन्होंने कहा कि एनसीआर में होने से फायदा भी है और कई मायने में नुकसान हैं लेकिन यहां के उद्योग विपरीत परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। अलवर में भ्रष्टाचार को लेकर उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अलवर में कांग्रेस के विधायकों का प्रशासनिक अधिकारियों से गठजोड़ हो गया है जो विधायकों के लिए ठेकेदारी का काम करते हैं जमीनों पर कब्जा कर आते हैं और कब्जे से मुक्त कराते हैं। गोचर भूमि मंदिर माफी की भूमि पर अनेकों कब्जे किए हुए हैं उन्होंने बताया कि कांग्रेस के कुशासन के खिलाफ शीघ्र ही जन आक्रोश रैली शुरू की जाएगी।
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