वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वन-डे सीरीज में भारतीय टीम की कमान शिखर धवन के हाथों में रहेगी

इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज के बाद भारतीय टीम को वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है। इस सीरीज में टीम की कमान शिखर धवन के हाथों में होगी। इस सीरीज में नियमित कप्तान रोहित शर्मा, विराट कोहली, ऋषभ पंत, हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह जैसे क्रिकेटरों को आराम दिया गया है। लोकेश राहुल का खेलना उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगा। ऐसे में वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाजों के सामने भारत की यंग ब्रिगेड की कड़ी आजमाइश होगी।
वेस्टइंडीज टीम में 30 साल के तेज गेंदबाज जेसन होल्डर की साढ़े तीन महीने बाद वापसी हुई है। वह भारत के युवा बल्लेबाजों की कड़ी परीक्षा ले सकते हैं। इससे पहले वह मार्च में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट खेले थे। आईपीएल के बाद विंडीज बोर्ड ने उन्हें नीदरलैंड, पाकिस्तान और बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज में आराम दिया था। केमर रोच, ओडियन स्मिथ और अल्जारी जोसफ भी अपनी रफ्तार की धार दिखा सकते हैं।
बाएं हाथ के अनुभवी बल्लेबाज और कार्यवाहक कप्तान शिखर के साथ सलामी जोड़ीदार के रूप में रिजर्व ओपनर और विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन का विकल्प है। अनुभवी रोहित की अनुपस्थिति में ईशान बेहतर पसंद हो सकते हैं। हालांकि दोनों बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और अगर टीम प्रबंधन दाएं-बाएं हाथ के बल्लेबाजों का विकल्प चुनती है तो ऋतुराज गायकवाड़, संजू सैमसन और शुभमन गिल की सेवाएं भी टीम को उपलब्ध हैं। गायकवाड़ ने अभी वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है, जबकि तीन वनडे खेलने वाले गिल ने पिछला वनडे दिसंबर 2020 में खेला था। 18 महीनों के बाद उन्हें वनडे टीम में शामिल किया गया है।
यूं तो वेस्टइंडीज के खिलाफ के खिलाफ वनडे में भारत का रिकॉर्ड पिछले लगभग दो दशकों में शानदार रहा है। वेस्टइंडीज ने इस दौरान भारत से कोई सीरीज नहीं जीती है। विंडीज ने भारत के खिलाफ पिछले 27 वनडे में से केवल आठ में जीत दर्ज की है।
कप्तान के तौर पर धवन ने पिछले साल जुलाई में श्रीलंका के खिलाफ पहले तीन मैच खेले हैं। इन मैचों में उन्होंने 128 रन बनाए थे जिसमें 86 रन नाबाद उनका श्रेष्ठ स्कोर था, जबकि 64.00 की औसत थी। वनडे में बतौर बल्लेबाज 152 मैचों में उनकी औसत 45.17 की है।
धवन के लिए यह सीरीज इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि इंग्लैंड के खिलाफ पांच माह बाद वनडे वापसी करने के बाद वह सीरीज में ज्यादा बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सके। अगले साल वनडे विश्वकप है ऐसे में वह टीम की भविष्य की योजनाओं में कितना फिट बैठेंगे।
मध्यक्रम में सूर्यकुमार यादव मजबूत कड़ी नजर आते हैं जिसमें श्रेयस अय्यर, दीपक हुड्डा, संजू सैमसन शामिल हैं। अगर शुभमन ओपनिंग पर नहीं उतरते हैं तो वह भी दावेदारी में शामिल हैं। पिछले साल कंधे की चोट के कारण लगभग छह माह मैदान से दूर रहे श्रेयस पुरानी लय में नजर नहीं आए हैं। इंग्लैंड के खिलाफ पिछली वनडे सीरीज में उन्हें एक मैच में मौका मिला। शॉर्टपिच गेंदों पर उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कोहली की अनुपस्थिति में उन्हें विंडीज के खिलाफ मौका मिलना तय है। ऐसे में जब हार्दिक पंड्या को आराम दिया गया है तो दीपक हुड्डा ऑलराउंडर की भूमिका में दिख सकते हैं। इस साल वेस्टइंडीज के खिलाफ ही हुड्डा को वनडे पदार्पण का मौका मिला था। आईपीएल में उन्होंने लखनऊ सुपरजाइंटस के खिलाफ 451 रन बनाए तो पीछे आयरलैंड के खिलाफ टी-20 में शतकीय पारी खेली। हुड्डा पार्टटाइम ऑफ स्पिनर हैं लेकिन युजवेंद्र चहल और रविंद्र जडेजा के होते उन्हें कितना मौका मिलता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
जडेजा खुद अनुभवी स्पिन ऑलराउंडर हैं, फिर शार्दुल ठाकुर तेज गेंदबाजी के साथ बल्ले से भी हाथ दिखाने का हुनर रखते हैं। तेज गेंदबाजों में मोहम्मद सिराज की अगुवाई में अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा और आवेश खान मौजूद हैं। अर्शदीप को इंग्लैंड के खिलाफ वनडे में फिटनेस की हल्की समस्या हुई जबकि प्रसिद्ध कृष्णा तीन मैचों में दो विकेट ही हासिल कर सके हैं।