सहारनपुर में 21 करोड़ की अवैध संपत्ति संभाल रहा था बसपा नेता का नौकर

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश में माफियाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई चल रही है। इसी क्रम मे सहारनपुर में अवैध बेनामी संपत्ति के जब्तीकरण की कारवाई की गई। यह कार्रवाई बसपा सरकार के पूर्व एमएलसी तथा खनन माफिया रहे हाजी इकबाल के विरूद्ध की गई। इस मामले में हाजी इकबाल समेत अन्य पर नामजद मामला दर्ज था। सहारनपुर जिला प्रशासन द्वारा आज कार्रवाई करते हुए इकबाल के मुंशी नसीम जो कभी उसका नौकर था, उसके नाम दर्ज बेनामी संपत्ति के जब्तीकरण की कार्रवाई की गई।
बता दें कि खनन माफिया हाजी इकबाल के नौकर नसीम के नाम 49 प्रॉपर्टी दर्ज हैं। जिसकी कीमत लगभग 22 करोड है. इस प्रॉपर्टी पर गैंगस्टर अधिनियम 86 के अंतर्गत जब्तीकरण की कार्रवाई की गई। सहारनपुर के थाना बेहट व मिर्जापुर क्षेत्र में यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। एसएसपी आकाश तोमर के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। प्रॉपर्टी के जब्तीकरण से पूर्व मुनादी की कार्रवाई भी की गई।
एसपी देहात सूरज राय ने बताया कि प्रॉपर्टी की अनुमानित कीमत लगभग 22 करोड़ है। अवैध बेनामी संपत्ति को गैंगस्टर अधिनियम के अंतर्गत कुर्क किया गया है। सहारनपुर पुलिस द्वारा खनन माफिया हाजी इकबाल उर्फ बाला के मुंशी नसीम के नाम है। यह सभी बेनामी संपत्ति को लेकर पुलिस ने 9 अप्रैल 2022 को गैंग लीडर हाजी इकबाल उर्फ बाला तथा 6 अन्य सदस्यों के विरुद्ध थाना मिर्जापुर में मामला दर्ज कराया था।
विवेचना के दौरान लकड़ी चोरी तस्करी अवैध रूप से खनन का कारोबार, लोगों को डराना धमकाना, धोखाधड़ी करके सरकारी व गैर सरकारी जमीनें खरीदने का मामला प्रकाश में आया था। जांच में 49 प्रॉपर्टी ऐसी सामने आई, जो नसीम के नाम पर हैं। जबकि नसीम खेतों में मजदूरी करता है।
नसीम के पुत्र अब्दुल गफ्फार निवासी ग्राम मिर्जापुर पोल थाना मिर्जापुर के नाम मैसर्स आदेश जैन एंड नसीम द्वारा पार्टनर नसीम अहमद पुत्र अब्दुल गफ्फार उर्फ कपूर निवासी मिर्जापुर थाना मिर्जापुर जनपद सहारनपुर व नसीम के पुत्र नदीम के नाम कंपनी रजिस्टर करवाकर यह सभी संपत्तियां अवैध रूप से अर्जित आर्थिक लाभ से खरीदा पाया गया। मैसर्स अमित जैन एंड नसीम अहमद द्वारा पार्टनर नसीम अहमद पुत्र अब्दुल गफूर उर्फ कपूर निवासी मिर्जापुर पोल तहसील बेहट सहारनपुर द्वारा खरीदी गई।