कैबिनेट की विशेष बैठक : लक्ष्मी नारायण – अलीगढ़ मंडल, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या- आगरा मंडल के प्रभारी बनाये
लखनऊ। स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जनप्रतिनिधियों के आचरण की शुचिता अति आवश्यक है। इसी भावना के अनुरूप सभी मंत्रीगण शपथ लेने के अगले तीन माह की अवधि के भीतर अपने और अपने परिवार के सदस्यों की समस्त चल-अचल संपत्ति की सार्वजनिक घोषणा करें। इसके अलावा
प्रदेश के सभी आईएएस/पीसीएस अपनी व परिवार के सदस्यों की समस्त चल/अचल संपत्ति की सार्वजनिक घोषणा करे। यह विवरण आमजनता के अवलोकनार्थ ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री योगी ने मंगलवार को कैबिनेट की विशेष बैठक में दिए। सभी मंत्रीगणों को सोमवार व मंगलवार को अनिवार्य रूप से राजधानी में रहना होगा। शुक्रवार से रविवार तक अपने निर्वाचन क्षेत्र/प्रभार के जिलों में जनता के बीच रहने का कार्यक्रम बनाएं।
बैठक में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सभी मंत्रीगण यह सुनिश्चित करें कि शासकीय कार्यों में उनके पारिवारिक सदस्यों का कोई हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए ।
मंत्रिपरिषद के समक्ष सभी विभागों के सांगठनिक व्यवस्था से अवगत होते हुए विगत 05 वर्ष में विभाग की उपलब्धियों के परिचय के साथ आगामी 100 दिन, 06 माह, 01 वर्ष, 02 वर्ष और 05 वर्ष की कार्ययोजना का प्रस्तुतिकरण संपन्न हो चुका है। अब इस कार्ययोजना को यथार्थ रूप देने का समय है। सभी मंत्रीगण विभागीय अधिकारियों का मार्गदर्शन करें। परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता को सुनिश्चित कराएं। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हम सभी को अंत्योदय के संकल्प को पूरा करने के लिए प्राण-प्रण से जुटना होगा।
उन्होंने कहा सरकार गठन के एक माह पूर्ण हो चुके हैं। हमारी भावी कार्ययोजना तैयार हो चुकी है।अब “सरकार जनता के द्वार” पहुंचेगी। आगामी विधानसभा सत्र से पूर्व मंत्रिपरिषद के प्रदेश भ्रमण का कार्य पूरा कर लेना होगा। इस संबंध में 18 मंत्री समूह गठित किए गए हैं। उपमुख्यमंत्री गणों की टीम में एक-एक राज्य मंत्री सम्मिलित हैं, शेष तीन सदस्यीय मंत्री समूह गठित किए गए हैं। यह 18 समूह 18 मंडलों का भ्रमण करेगी। भ्रमण का यह कार्यक्रम शुक्रवार से रविवार तक होगा। पहले चरण में प्रदेश भ्रमण करने के बाद मंत्री समूहों का रोटेशन प्रणाली के तहत दूसरे मंडलों की जिम्मेदारी दी जाएगी।
तीन दिवसीय मंडलीय भ्रमण के दौरान हर टीम को एक जनपद में कम से कम 24 घंटे रहना होगा। टीम का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ मंत्री कम से कम दो जिलों का भ्रमण करें। शेष मंत्री गणों को सुविधानुसार एक-एक जिले की जिम्मेदारी दी जाए।
मंत्री समूह मंडलीय भ्रमण के दौरान एक मंडलीय समीक्षा बैठक करेगा। जनपदों को वर्चुअली जोड़ा जा सकता है। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता जरूर हो। भ्रमण कार्यक्रम के दौरान पूर्व जनप्रतिनिधियों/संगठन/विचार परिवार के सदस्यों के साथ भी बैठक करें। उनकी अपेक्षाओं, समस्याओं और सुझावों को सुनें। निदान का प्रयास करें।
भ्रमण के दौरान जन चौपाल का कार्यक्रम अवश्य करें। सीधा जनता से संवाद करें। किसी एक विकास खंड/तहसील के औचक निरीक्षण करे। दलित/मलिन बस्ती में सहभोज का कार्यक्रम रखें। विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करें। गुणवत्ता की परख करें। शासन की लोक कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से भेंट करें। कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए महिला सुरक्षा के मामलों, एससी/एसटी के प्रकरणों में अभियोजन की स्थिति, पुलिस पेट्रोलिंग, बाल यौन अपराधों, व्यापरियों की समस्याओं, गैंगस्टर पर कार्रवाई आदि का पूरा विवरण देखें। मंत्री समूहों के हर सदस्य को रात्रि विश्राम किसी जिले में ही करना होगा। रात्रि विश्राम सरकारी अतिथि गृह में ही करना सुनिश्चित करें।
प्रदेश भ्रमण के लिए गठित मंत्री समूहों के अध्यक्ष
1- उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या- आगरा मंडल
2- उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक – वाराणसी मंडल
3- सूर्य प्रताप शाही – मेरठ मंडल
4- सुरेश खन्ना – लखनऊ मंडल
5- स्वतंत्र देव सिंह -मुरादाबाद मंडल
6- बेबी रानी मौर्या – झांसी मंडल
7- चौधरी लक्ष्मी नारायण – अलीगढ़ मंडल
8- जयवीर सिंह- चित्रकूट धाम मंडल
9- धर्मपाल सिंह – गोरखपुर मंडल
10- नंदगोपाल गुप्ता ‘नंदी’- बरेली
11- भूपेंद्र सिंह- मिर्जापुर मंडल
12- अनिल राजभर – प्रयागराज मंडल
13- जितिन प्रसाद- कानपुर मंडल
14- राकेश सचान – देवीपाटन मंडल
15- अरविंद शर्मा- अयोध्या मंडल
16- योगेंद्र उपाध्याय- सहारनपुर मंडल
17- आशीष पटेल- बस्ती मंडल
18- संजय निषाद – आजमगढ़ मंडल