यूक्रेन में फंसे है मथुरा के कई बच्चे, ब्रज वासियों ने की मोदी से बचाने की अपील

मथुरा। रूस के यूक्रेन पर हमले से मथुरा में भी बैचेनी दौड़ गई है। मथुरा जिले के अलग-अलग क्षेत्र के रहने वाले लोगों के कई बच्चे वहां पढ़ रहे हैं । कोसी की एक छात्रा और राया के दो युवक इस समय यूक्रेन में फंसे हुए हैं। बृजवासियों ने प्रधानमंत्री मोदी से अपने बच्चों को बचाने की गुहार लगाई है। इसके अलावा राया के 23 वर्षीय रितिक वर्मा पुत्र संजय वर्मा पिछले पांच वर्ष से यूक्रेन की वाईप्रो सिटी की स्टेट एस्टेब्लिसमेन्ट देनिप्रोट्रोवस्क मेडिकल अकेडमी ऑफ हेल्थ मिनिस्टरी यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट की पढ़ाई कर रहा है। राया के शिवकुमार अग्रवाल के 26 वर्षीय पुत्र ओम अग्रवाल एव कनक अग्रवाल बीते पांच वर्ष से यूक्रेन के इवानो यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट की पढ़ाई कर रहे है। बच्चो के फंस जाने से परिजनों में बच्चो को लेकर चिंता है। ओम अग्रवाल के पिता शिवकुमार अग्रवाल ने प्रधानमंत्री से अपने बच्चो को सकुशल देश वापसी की मांग की है।

रूस ने गुरुवार की सुबह यूक्रेन पर हमला कर दिया। युद्ध के हालात के बीच कई भारतीय छात्र में यूक्रेन में फंसे गए हैं। कोसीकलां की एक छात्रा भी वहां फंस गई है। उसके परिजनों के अनुसार छात्रा यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गई है। परिजनों ने सरकार से भारतीय छात्र-छात्राओं को सुरक्षित वापस लाने की मांग की है। कोसी कलां के रहने वाले अधिवक्ता करण सिंह की बड़ी बेटी यशिका सिंह यूक्रेन के खारखेव इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की छात्रा है। यशिका 1 दिसंबर 21 को यूक्रेन गयी थी। रूसी सेना के यूक्रेन पर हमले की टीवी पर खबर आते ही याशिका का परिवार बेचेन हो उठा। परिजन छात्रा की सुरक्षा को लेकर बेहद चितिंत हैं। वह व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से उससे संपर्क बनाए हुए हैं। परिजनों ने भारत सरकार से छात्रा समेत सभी भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने की मांग की है। यशिका डॉक्टर बनने की चाहत में यूक्रेन गयी थी। यशिका के पिता करण सिंह ने बताया कि जब वह 1 दिसंबर को बेटी को छोड़ने गए तब टिकट 30 हजार रुपये की थी लेकिन अब हालात खराब हैं तो फ्लाइट की टिकट 58 हजार रुपये की कर दी है। उन्होंने बताया कि 26 फरवरी की उनकी बेटी की वापसी की फ्लाइट है। इस बीच युद्ध छिड़ने और एयरस्पेस बंद होने से परिवार की चिंता बढ़ गई। वह लगातार व्हाट्सएप कॉल से संपर्क बनाए हुए हैं।