अजय शर्मा
मथुरा। कान्हा की क्रीड़ा स्थली वृंदावन यूं तो साल भर प्रेम बरसाने की नगरी के रूप में विख्यात है यहां की कुंज गलियों में पहुंचते ही अद्भुत शांति का अहसास होने लगता है लेकिन यही वृंदावन अब देश की सुर्खियों में फिर आया है वह भी प्रेम के रूप में नहीं बल्कि प्रदूषण के ग्राफ में नंबर वन के रूप में इसकी छवि बनी है। जारी आंकड़ों के अनुसार देश के सबसे प्रदूषित शहरों में 8 शहर यूपी के हैं जिनमें मथुरा का वृंदावन प्रथम स्थान पर रहा है। वृंदावन का एयर क्वालिटी इंडेक्स 477 रिकॉर्ड किया गया है जो कि गंभीर श्रेणी में है ।
दूसरे नंबर पर आगरा 469 पर तीसरे पर गाजियाबाद 432 चौथे पर कानपुर पांचवे पर हापुड़ हैं। आखिर सोचने का विषय है कि शान्त और भक्ति से सराबोर वृंदावन इतना प्रदूषित कैसे हो गया जहां सांस लेने में भी लोगों को कठिनाई हो रही है इसकी तह में जाना चाहिए कि ऐसा क्यों।
समझा जाता है कि वृंदावन में प्रत्येक सप्ताह खासकर शनिवार और रविवार को आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के वाहनों के कारण यह प्रदूषण की विकराल स्थिति उत्पन्न हुई है। समय रहते मथुरा के प्रशासन को वृंदावन में इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाने की व्यवस्था करनी होगी।