12 किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक को सड़क मार्ग में बदलने की योजना की डीपीआर पर हुई चर्चा, पहले चरण में मछली फाटक से मसानी तक बनेगा एलिवेटेड रोड
भविष्य में मेट्रो की संभावना का रखा जा रहा है डीपीआर में ध्यान, जन्मस्थान और बिहारी जी मंदिर को मिलेगी कनेक्टिविटी
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ और यातायात के दबाव को देखते हुए लिया गया निर्णय, पार्किंग सहित विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं
मथुरा । भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा-वृंदावन में देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए जल्द ही पुराने रेल मार्ग पर सड़क नजर आएगी। इसके लिए मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण डीपीआर बना रहा है। इसमें भविष्य में मेट्रो की संभावना के साथ श्रीकृष्ण जन्मस्थान और बिहारी जी मंदिर को कनेक्ट करने की योजना का भी ध्यान रखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल और ब्रज के धार्मिक पर्यटन को सुविधाजनक बनाने की प्राथमिकता के तहत मथुरा-वृंदावन के बीच पुराने रेलवे ट्रैक को फोरलेन सड़क मार्ग में परिवर्तित करने की योजना को शासन की सहमति मिल गई है। करीब 12 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को विकसित किया जाना है। परियोजना के प्रथम चरण में मथुरा क्षेत्र के मछली फाटक से मसानी तक करीब चार किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (एमवीडीए) द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है।
गुरुवार को वृंदावन स्थित गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी के सभागार में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र की अध्यक्षता में डीपीआर को लेकर बैठक आयोजित की गई। इसमें मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लक्ष्मी नागप्पन, नगर आयुक्त ओजस्वी राज सहित अन्य अधिकारियों ने मथुरा-वृंदावन रेलवे ट्रैक को सड़क मार्ग में परिवर्तित करने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
करीब 12 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को फोरलेन सड़क के रूप में विकसित करने के लिए कार्यदायी संस्था मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा प्रस्तावित डीपीआर में बताया गया कि प्रस्तावित सड़क केवल आवागमन का वैकल्पिक रास्ता न बने, बल्कि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों के लिए सुविधाजनक यातायात कॉरिडोर के रूप में विकसित होगी। इसके अंतर्गत पार्किंग, कमर्शियल यूटिलिटी सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित होंगी। प्रथम चरण में मथुरा क्षेत्र के मछली फाटक से मसानी तक करीब चार किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड का निर्माण होगा। इसके बाद दूसरे चरण में शेष मार्ग को विकसित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

इस मार्ग में मथुरा-वृंदावन में भविष्य में मेट्रो की संभावना का भी ध्यान रखा जा रहा है। साथ ही इससे मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान और वृंदावन में बिहारी जी मंदिर के साथ मसानी पर नेशनल हाईवे को कनेक्टिविटी मिलेगी।
मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लक्ष्मी नागप्पन ने बताया कि इस सड़क मार्ग के विकसित होने से मथुरा-वृंदावन के बीच आवागमन के लिए एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा। इससे स्थानीय नागरिकों के साथ ही मंदिरों के दर्शन और ब्रज भ्रमण के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही शहर के अंदर यातायात का दबाव कम करने, वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित करने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। यह डीपीआर इस माह शासन को प्रस्तावित कर दी जाएगी।