बांकेबिहारी के दरबार में पहुंचीं ढाई हजार राखियां
बहनों ने पत्रों में मांगा भाई का आशीर्वाद, किसी ने वर तो किसी ने परिवार की खुशहाली की लगाई गुहार
वृंदावन। रक्षाबंधन पर्व पर ठाकुर बांकेबिहारी जी की कलाई पर राखी बांधने के लिए देशभर से करीब ढाई हजार राखियों के पैकेट वृंदावन पहुंचे। इन राखियों के साथ बहनों ने अपने मन की भावनाएं भी पत्रों के माध्यम से ठाकुरजी तक पहुंचाईं। किसी बहन ने परिवार की समृद्धि की कामना की तो किसी ने सुख-शांति और आशीर्वाद मांगा।
कई बहनें ऐसी भी रहीं जिन्होंने बांकेबिहारी जी को भाई का फर्ज निभाने का उलाहना दिया। उनका कहना था कि जब ठाकुरजी को भाई माना है तो भाई की तरह उनकी मनोकामना भी पूरी करें।
शुक्रवार को रक्षाबंधन के अवसर पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के पट खुलने के बाद शृंगार आरती हुई। इसके बाद सेवाधिकारी ने देशभर से आई बहनों की राखियां ठाकुरजी के चरणों में अर्पित कीं। राखियों के साथ भेजे गए पत्र भी सेवाधिकारी ने ठाकुरजी को पढ़कर सुनाए।
देहरादून की कविता ने अपने पत्र में ठाकुर बांकेबिहारी को संबोधित करते हुए अपनी मनोकामना रखी। उन्होंने परिवार में छोटे सदस्यों के विवाह होने और अपनी शादी की चिंता का उल्लेख करते हुए ठाकुरजी से योग्य वर दिलाने की प्रार्थना की। उन्होंने ऐसी ससुराल की कामना की जहां ठाकुरजी की सेवा होती हो।
बठिंडा की दक्षा चुघ ने अपने पत्र में लिखा कि ठाकुरजी उनकी भावनाओं को अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने अपनी मेहनत पर ठाकुरजी की कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की।
इसी तरह देश के अलग-अलग हिस्सों से आई बहनों ने पत्रों के माध्यम से ठाकुर बांकेबिहारी के सामने अपनी भावनाएं और मनोकामनाएं रखीं। सेवाधिकारी ने कई पत्र ठाकुरजी को पढ़कर सुनाए जबकि अन्य पत्र उनके चरणों में समर्पित कर दिए गए।
रक्षाबंधन के अवसर पर मंदिर पहुंचीं सैकड़ों महिलाओं और युवतियों ने ठाकुरजी की प्रतीकात्मक रेलिंग पर राखी बांधी और उनसे रक्षा तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। पूरे दिन मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा।