राहुल गांधी की वोट बचाओ यात्रा घुसपैठिया बचाओ यात्रा : अमित शाह
-उत्तराखंड में तीसरी बार भाजपा सरकार बनाने का लक्ष्य, शाह बोले- 2027 में 65 पार
देहरादून । उत्तराखंड राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ पर शुक्रवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित राज्योत्सव समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोट बचाओ यात्रा’ को ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’ करार दिया। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए घुसपैठियों को बाहर करने का काम किया जा रहा है, जबकि राहुल गांधी यात्रा निकालकर इसका विरोध कर रहे हैं। देश में घुसपैठ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शाह ने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने, शुक्रवार की नमाज के लिए छुट्टी का प्रस्ताव लाने और राम मंदिर निर्माण का विरोध करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए 65 पार का लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा कि पार्टी उत्तराखंड में लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी।
शाह ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उसने उत्तराखंड राज्य के गठन को रोकने का काम किया, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने नौ नवंबर, 2000 को अलग राज्य बनाकर वर्षों पुराने सपने को साकार किया। उन्होंने कहा कि अटल जी ने उत्तराखंड बनाया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे संवारने का काम किया है। उत्तराखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना का प्रमुख केंद्र है।
बाबा केदारनाथ, बदरी विशाल, मां गंगा और यमुना के उद्गम स्थल, हेमकुंड साहिब और हरिद्वार जैसे पवित्र तीर्थ इस देवभूमि को विशिष्ट पहचान देते हैं। उन्होंने कहा कि पूरा देश मोक्ष की कामना लेकर देवभूमि की ओर आता है और वह इस पवित्र भूमि को बार-बार प्रणाम करते हैं। गृह मंत्री ने राज्य निर्माण आंदोलन के दौरान रामपुर तिराहा सहित विभिन्न स्थानों पर संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों के साथ ही माधो सिंह भंडारी, तीलू रौतेली, गबर सिंह नेगी, दरबान सिंह नेगी और जनरल बिपिन रावत सहित अनेक विभूतियों को याद कर श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
शाह ने राज्योत्सव को गौरव, सिद्धि और संकल्प का अवसर बताते हुए कहा कि उत्तराखंड की देवभूमि और राज्य निर्माण का गौरव सभी को महसूस करना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में विकास की दिशा में हासिल उपलब्धियां सिद्धि हैं। अब संकल्प है कि वर्ष 2045 तक विकसित भारत के निर्माण की यात्रा में उत्तराखंड देश का सबसे पहले विकसित होने वाला राज्य बने।
गृह मंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 से अब तक उत्तराखंड के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 50 प्रतिशत वृद्धि हुई है और प्रति व्यक्ति आय में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के आर्थिक विकास के साथ आम नागरिक की समृद्धि भी सरकार का लक्ष्य है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता यूसीसी को लागू किया। उन्होंने कहा कि राज्य में लागू यूसीसी के माध्यम से विवाह और तलाक से जुड़े मामलों में समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड के उदाहरण के बाद देश के 15 राज्य यूसीसी लागू करने की दिशा में आगे बढ़े हैं और भाजपा सभी राज्यों में इसे लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य में बिना सिफारिश और बिना किसी खर्च के 35 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने धर्मांतरण विरोधी कानून को भी राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया।
गृह मंत्री ने महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण, सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण, तीन लाख लखपति दीदियों के निर्माण, होमस्टे योजना और महिला स्वयं सहायता समूहों के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत आरक्षण व बलिदानी परिवारों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। किच्छा में एम्स के सेटेलाइट केंद्र और औद्योगिक स्मार्ट सिटी को भी उन्होंने महत्वपूर्ण परियोजनाएं बताया।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस पर पहाड़ के पानी और जवानी को पहाड़ के काम न आने देने वाली नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उत्तराखंड को लंबे समय तक मनीऑर्डर अर्थव्यवस्था और पलायन के भरोसे छोड़ दिया था, जबकि भाजपा सरकार ने उद्योग आधारित अर्थव्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि पहले सीमावर्ती गांवों को देश के अंतिम गांव के रूप में देखा जाता था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें देश के पहले गांव के रूप में विकसित करने की सोच दी। वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत 270 करोड़ रुपये की लागत से 51 सीमावर्ती गांवों में विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे गांवों में युवाओं की वापसी का रास्ता खुल रहा है। गृह मंत्री ने कहा कि पहले सुरक्षा कारणों का हवाला देकर सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क और बुनियादी सुविधाओं के विकास को रोका जाता था। इसके विपरीत मोदी सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क संपर्क मजबूत किया है। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है और अपनी सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत किया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले दस वर्षों में भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने का प्रयास किया है। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हरिद्वार स्टिंग प्रकरण, एससी-एसटी छात्रवृत्ति घोटाले, शराब नीति से जुड़े विवाद और कुमाऊं में खाद्यान्न से संबंधित कथित घोटालों का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने सरकारी धन का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाने का काम किया है। हल्द्वानी में 29 एकड़ भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर कोई समझौता नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने असम, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, गोवा और महाराष्ट सहित कई राज्यों में लगातार तीसरी बार सरकार बनाई है और अब उत्तराखंड की बारी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिले 46 प्रतिशत मत और 57 सीटों तथा 2022 में मिले 44 प्रतिशत मत और 47 सीटों का उल्लेख किया। शाह ने कहा कि इस बार पार्टी को 65 पार का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना है। उन्होंने उत्तराखंड को सुरक्षित, समृद्ध और देश की सांस्कृतिक राजधानी बनाने के तीन लक्ष्य सामने रखे।
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री ने 1475 करोड़ से अधिक की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। राज्योत्सव समारोह में 15 लोगों को उत्तराखंड गौरव सम्मान, छह बच्चों को बाल वीरता पुरस्कार और दो व्यक्तियों को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इससे पहले शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित मंच पर उपस्थित केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्रियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का अभिवादन किया।