जब देवताओं ने ली हनुमानजी के बल और बुद्धि की परीक्षा
हनुमानजी को आकाश में बिना विश्राम लिये लगातार उड़ते देखकर समुद्र ने सोचा कि ये प्रभु श्रीरामचंद्रजी का कार्य पूरा करने के लिए जा रहे हैं। किसी प्रकार थोड़ी देर के लिये विश्राम दिलाकर इनकी थकान दूर करनी चाहिए। उसने अपने जल के भीतर रहने वाले…
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