नवोदित पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, नृत्य व शास्त्रीय संगीत से जोड़ना बेहद जरुरी: गीतांजलि

द मिलेनियम पब्लिक स्कूल में आयोजित हुई कलावृक्ष सोसायटी की भव्य कार्यशाला

मथुरा। कलावृक्ष सोसायटी ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स एंड कल्चरल अफेयर्स के तत्वाधान में सांस्कृतिक कार्यशाला का आयोजन किया गया इस कार्यशाला का आयोजन द मिलेनियम पब्लिक स्कूल के सभागार में हुआ। सभी बच्चों ने इस कार्यशाला में जोश खरोश के साथ भाग लिया।
कलावृक्ष सोसायटी द्वारा आयोजित कार्यशाला का उद्देश्य युवा पीढ़ी एवम नवोदित पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य से परिचय कराना है भारतीय संस्कार एवं संस्कृति से बच्चों को नई दिशा देना संस्था का मुख्य उद्देश्य है।
विभिन्न विद्यालयों और इंस्टिट्यूट में यह कार्यशाला 30 दिन तक निरंतर चलती रहेगी।
संस्था की संस्थापक वरिष्ठ कथक गुरु गीतांजलि शर्मा ने बताया की नृत्य और संगीत मानव जीवन का अभिन्न भाग है क्योंकि हर क्षण व्यक्ति को आनंद की प्राप्ति के लिए संगीत का सहारा लेना ही होता है, जिसकी वजह से वह स्वयं को सुखद और आनंदित महसूस करता है और वह सुखद होने की अनुभूति किसी भी क्षेत्र में उस व्यक्ति को पारंगत बनाने में बहुत बड़ा सहयोग प्रदान करती है। संस्था की वरिष्ठ शिष्या गार्गी वशिष्ठ ने बताया की यह सांस्कृतिक कार्यशाला एक क्रांति है जो भारतीय संस्कृति को रोपण करने का कार्य करेगी।
संस्था के सदस्य मोहित शर्मा ने बताया की हमारा प्रयास रहेगा कि मथुरा जिले के हर कस्बे में सांस्कृतिक कार्य शाला का आयोजन करें सांस्कृतिक चेतना देश के विकास के लिए हैं अत्यंत आवश्यक है।
कार्यशाला में बालिकाओं को कथक नृत्य की बारीकियां कथक नृत्य का इतिहास एवं उसकी उपयोगिता के बारे में बताया। कार्यशाला में कलावृक्ष कथक केंद्र की वरिष्ठ शिष्याओं गार्गी वशिष्ठ, वीनस शर्मा, तेजस्विनी सिंह ने छात्र एवं छात्राओं को प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला में प्रधानाचार्य सुश्री राखी जैन नेहा त्रिपाठी एवं मोहित शर्मा ने विशेष सहयोग किया।