लखनऊ में सपाईयों के प्रदर्शन पर पुलिस का सख्त पहरा ,पार्टी दफ्तर से विधानसभा तक पुलिस बल तैनात, कई MLA हिरासत में

लखनऊ। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, किसानों के मुद्दे पर प्रदर्शन की तैयारी कर रहे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करने से रोक दिया गया है वही कुछ नेताओं को उनके घर में नजरबंद कर दिया गया जबकि कुछ हिरासत में लिए गए। सपा दफ्तर से लेकर विधानसभा के बाहर तक पुलिस फोर्स की तैनाती कर दी गई है।
इससे विधानसभा के बाहर हंगामे की स्थिति बनी है। विधानमंडल सत्र से पहले समाजवादी पार्टी के विधायकों के प्रदर्शन के चलते सपा कार्यालय पर भारी संख्या में फोर्स तैनात की गई है।
समाजवादी पार्टी के दफ्तर पर कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ लगी हुई है । विक्रमादित्य मार्ग को दोनों तरफ से पुलिस ने बंद कर दिया है। लखनऊ के मध्य क्षेत्र से विधायक रविदास मेहरोत्रा के घर के बाहर भी भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि भाजपा सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है। वह शांतिपूर्ण आंदोलन को भी दमन तानाशाही से दबाना चाहती है। मेहरोत्रा ने कहा कि हम जन मुद्दों एवं जनता की समस्याओं को लेकर संघर्ष करते रहेंगे। चाहे सरकार हम पर कितना जुल्म और अत्याचार क्यों न करें। आज विधान भवन पर शांतिपूर्ण धरना था और जिस तरीके से पुलिस आंदोलन को दबाने के लिए दमनात्मक कार्रवाई कर रही है, वह बहुत ही निंदनीय और शर्मनाक है। सरकार के दमन अत्याचार और अन्याय के खिलाफ सड़क से लेकर विधानसभा तक संघर्ष किया जाएगा। हम सरकार के दमन, जुल्म और पुलिस की लाठियां-गोली या जेल से डरने वाले नहीं हैं। भारी पुलिस बल मेरे घर के बाहर मुझे धरने पर जाने से रोकने के लिए खड़ा किया गया है।
इससे पहले समाजवादी पार्टी विधानमंडल दल के मुख्य सचेतक मनोज कुमार पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया था कि पार्टी के विधायक 14 सितंबर से विधानसभा स्थित पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के समक्ष धरना देंगे। सपा नेता प्रदेश की कानून-व्‍यवस्‍था, बढ़ती महंगाई, पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर झूठे आरोपों में मुकदमे दर्ज किए जाने समेत विभिन्‍न मुद्दों पर यह प्रदर्शन की तैयारी में हैं।
इसके अलावा 15 सितंबर को समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, 16 सितंबर को पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री अवधेश प्रसाद एवं इन्द्रजीत सरोज, 17 सितंबर को पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ नेता राम अचल राजभर और 18 सितंबर को धरने का नेतृत्व पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी तथा पूर्व मंत्री ओम प्रकाश सिंह करेंगे। पांडेय ने कहा, सत्तारूढ़ भाजपा की तरफ से विपक्षी दल के नेताओं कार्यकर्ताओं खासकर समाजवादी पार्टी के नेताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज किये जा रहे हैं। उन्हें अपमानित किया जा रहा है तथा चरित्र हनन के प्रयास किए जा रहे हैं। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खां के ऊपर गवाहों को धमकाने का झूठा मुकदमा लिखाया गया और जौहर विश्वविद्यालय के संचालन में बाधा डाली जा रही है।’उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकांश जिले सूखे से प्रभावित हैं लेकिन न तो अभी तक कोई जांच कराई गई है और न ही सूखा प्रभावित किसानों को कोई मदद दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जातीय जनगणना की मांग भी नहीं मानी जा रही है। महंगाई चरम पर है। बेरोजगारी में लगातार वृद्धि होती जा रही है। भाजपा सरकार आंकड़ों का खेल खेल रही है।