अचानक वृंदावन आए योगी के खास सिपहसलार अवनीश अवस्थी, यात्रियों को सुविधा देने पर किया गहन मंथन

वृन्दावन। योगी सरकार वृंदावन आने वाले तीर्थ यात्रियों को क्या-क्या सुविधा उपलब्ध कराई जाएं और बढ़ती भीड़ को किस तरह मैनेज किया जाए को लेकर काफी गंभीर हो चली है। शासन की मंशा है कि नगर में कहीं भी ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न न हो और श्रद्धालुओं को किस प्रकार बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके को लेकर आज टीएफसी पर पूर्व प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी और उनके साथ आए प्रदेश के प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम ने स्थानीय अधिकारियों के साथ गहन मंथन किया।
मंथन में खास बात यह रही कि प्रस्तावित करीडोर के प्रस्ताव पर कोई विचार-विमर्श नहीं हुआ। बैठक का केंद्र बिंदु केवल यह रहा कि शासन प्रशासन द्वारा वृंदावन में अस्त व्यस्त ट्रैफिक सिस्टम को किस तरह सुलभ बनाया जाए और लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को क्या-क्या सुविधा प्रदान की जा सकती है। दोनों अधिकारियों ने वृंदावन में प्रेम मंदिर के पीछे वाले मार्ग सहित कई स्थानों पर स्थलीय निरीक्षण भी किया। इस दौरान बैठक में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कांत मिश्र ने महत्वपूर्ण सुझावो पर सहमति जताई।
मंथन बैठक में अवनीश अवस्थी ने यह जानने की कोशिश की मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा नए मास्टर प्लान में वृंदावन में सुविधाओं के लिए क्या-क्या प्रपोज किया गया है। उन्होंने कहा भारी संख्या में आने वाली भीड़ को अलग-अलग मार्गों से लाने की महती आवश्यकता है अभी तक केवल दो प्रमुख मार्गों से ही अधिकांश तीर्थयात्री वृंदावन में दर्शन करने को आते हैं। पुराने प्राधिकरण के मास्टर प्लान में रामताल सुनरख सहित कई स्थानों पर एग्रीकल्चर भूमि का सिस्टम था जिसमें अब काफी संशोधन आए हैं और उनको स्वीकार भी किया गया है। जाम की समस्या से निजात के लिए कुछ बड़ी पार्किंग बनाने पर भी सहमति हुई।

ठा. बांके बिहारी मंदिर में जन्माष्टमी की रात मंगला आरती के दौरान भगदड़ में दबकर श्रद्धालुओं की मौत और घायल के बाद योगी सरकार इस घटना को लेकर गंभीर है। शुक्रवार सुबह पूर्व अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी व प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम बैठक करने वृंदावन में सुबह करीब 11 बजे पहुंचे हैं। टीएफसी के सभागार में एक हाईलेवल बैठक हुई है जिसमें तहसील से नक्शा भी मंगाया गया जिसे लेकर अधिकारियों के साथ मंथन किया गया। बैठक में लेखपालों से तैयार पार्किंग स्थलों का नक्शा व खसरा आदि के कागजात मंगाए गए । जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने बताया कि प्रशासन की तरफ से रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
पर्यटक सुविधा केंद्र में इस बैठक में डीएम नवनीत चहल, एसएसपी अभिषेक यादव व नगर आयुक्त अनुनय झा, एडीएम वित्त योगानन्द पांडेय, उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी पंकज वर्मा, नगर मजिस्ट्रेट नोयडा से आये आर्किटेक्ट सहित विप्रा अधिकारी मौजूद रहे । बताया जाता है कि इस मामले में प्रदेश सरकार ने पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह की अध्यक्षता में दो सदस्यीय कमेटी बनायी थी, जिसमें अलीगढ़ के मंडलायुक्त भी शामिल थे। यह समिति अपनी जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंप चुकी है। इसके अलावा हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गयी थी जिस पर हाईकोर्ट द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार से बांकेबिहारी हादसे के संबंध में जवाब मांगा गया है। जवाब दाखिल करने से पूर्व यहां के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए अवनीश अवस्थी, पर्यटन प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम यहां आये हुए हैं।