मुजफ्फरपुर (बिहार) । बिहार में तीन साल की सेवा के लिए वेतन के तौर पर मिले करीब 24 लाख रुपये लौटाने की इच्छा जताकर चर्चा में आए एक शिक्षक ने आवेश में आकर उठाए गए अपने कदम के लिए अब माफी मांगी है।
बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले मुजफ्फरपुर के नीतीश्वर सिंह महाविद्यालय में हिंदी साहित्य पढ़ाने वाले ललन कुमार ने प्रति कुलपति (प्रो वीसी) को पत्र लिखकर ‘‘बिना शर्त माफी’’ मांगी है। इससे पहले कुमार ने पांच जुलाई को 23.38 लाख रुपये का चेक उन्हें भेजा था।
वहीं मामला सामने आने के बाद प्रति कुलपति आर के ठाकुर ने स्पष्ट किया था कि नियम के अनुसार चेक स्वीकार नहीं किया जा सकता। साथ ही ठाकुर ने कुमार की इस बात पर भी आश्चर्य व्यक्त किया था कि उनके कॉलेज में ‘‘छात्रों के कक्षा में नहीं आने से’’ कुमार निराश हैं।
कुमार ने पत्र में कहा कि वह ‘‘दूसरे कॉलेज में स्थानांतरण के बारे में अपनी आठ अर्जियों’’ पर कोई सुनवाई नहीं होने से निराश थे और उसी के चलते उन्होंने यह कदम उठाया है। पत्र में कुमार ने कहा कि उनकी ‘‘उस संस्थान की छवि खराब करने की मंशा नहीं थी’’ जहां फिलहाल वह पदस्थ हैं।
कुमार दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध प्रतिष्ठित हिंदू कॉलेज के पूर्व छात्र हैं और उन्हें 2019 में बीपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षा पास करने के बाद बिहार विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के रूप में नियुक्त किया गया था।
कॉलेज के प्रधानाचार्य मनोज कुमार ने इस बात पर नाराजगी जताई थी कि ललन कुमार ने उनसे चर्चा किए बगैर यह कदम उठाया। कुमार के माफीनामे को प्रधानाचार्य द्वारा भेज दिया गया है और विश्वविद्यालय के कुलसचिव के कार्यालय ने प्राप्त कर लिया है।
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