महापौर के खास विश्वास पात्र तीन पार्षदो ने पल्ला झाड़ा , निगम में बबाल और बढ़ा

मथुरा। नगर निगम के महापौर और पार्षदों के बीच लड़ाई अब रोचक मोड़ पर पहुंच गई है। अब तक 70 पार्षदों में से जो चंद्र पार्षद महापौर खेमे के माने जाते थे उन्होंने भी उनसे किनारा कर लिया है। मेयर के खास विश्वास पात्र पार्षद माने जाने वाले अंकुर गुर्जर हनुमान गुर्जर और पूजा अहेरिया ने आज नगर आयुक्त से मुलाकात कर उनको जलकल के टेंडर निरस्त नहीं करने के लिए लिखित में पत्र दिया है।
22 फरवरी को फिर से होने वाली 15वीं वित्त आयोग ग्रांट की बैठक से पूर्व पार्षद और महापौर में भारी खींचतान मची हुई है। महापौर अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए अलग-अलग पार्षदों को जहां लगातार फोन कर रहे हैं वही असंतुष्ट पार्षद नीरज वशिष्ठ के घर पर है वह मीटिंग कर चुके है। यहां हुई बैठक में उनके माफी मांगने की बात समूचे मथुरा वृंदावन क्षेत्र में फैली है। हालांकि माफी मांगने की बात को महापौर ने एक सिरे से खारिज कर दिया है। नीरज वशिष्ठ के यहां चंद पार्षदों के साथ हुई बैठक ने अन्य पार्षदों में आक्रोश पनपा दिया है। खासकर वो पार्षद महापौर से खफा हो गए जो अब तक उनके सुर में सुर मिला रहे थे। पार्षद राजीव सिंह ने तत्काल नगर निगम बोर्ड बैठक बुलाने की मांग की है। महापोर के लाख प्रयास के बावजूद भी पार्षद उनकी रणनीति में फंस नहीं पा रहे हैं जिससे निगम का कामकाज काफी विवादस्पद बना हुआ है।
पार्षद हनुमान गुर्जर अंकुर गुर्जर पूजा अहेरिया ने गुरुवार को नगर आयुक्त से भेंट कर अनुरोध किया है कि जलकल विभाग नगर निगम मथुरा वृन्दावन का एक जनहित का विभाग है। शहर के नागरिकों को प्रातः उठने से लेकर रात्रि तक शौच नहाने का पानी पेयजल उपलब्ध कराता है। ट्‌यूबवैल संचालन, हैन्डपम्प समर रिपेयर/निर्माण, पाइप लाइन मरम्मत, सीवर एवं चेम्बर रिपेयर उक्त ठेके प्रतिदिन की दिनचर्या के लिये अति आवश्यक ठेके है. जिनका निरस्त करना नगर में अव्यवस्था को जन्म देना है। महापौर एवं नगर आयुक्त बिना जाँच के ठेका अस्वीकृत नहीं कर सकते है। उक्त प्रकरण की जाँच हेतु अपर नगर आयुक्त, सहायक नगर आयुक्त एवं लेखाकार की तीन सदस्यीय समिति बना कर नगर निगम की कार्यकारिणी समिति एवं बोर्ड में रखा जाना उचित होगा। पार्षद हनुमान गुर्जर ने कहा अब तक जिन से लड़ाई चल रही थी मेयर साहब ने उनके सामने घुटने टिक दिए । इससे हमारी बेइज्जती हुई है हम शुरू से उनके सब सही गलत में साथ थे हम भी तो पार्षद हैं। सभी पार्षदों को बराबर का एक समान सम्मान मिलना चाहिए।