कोलकाता । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को आशंका जताई कि चुनाव आयोग के निर्देशों पर पुलिस तृणमूल कांग्रेस के बूथ एजेंटों को आखिरी समय में गिरफ्तार कर सकती है, ताकि उन बूथों पर उनकी गैर-मौजूदगी में चुनाव कराए जा सकें। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के पिंगला में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सीएम ममता ने कहा, “तृणमूल कांग्रेस के बूथ एजेंटों की गिरफ्तारी का आदेश इसलिए दिया गया है ताकि वे पोलिंग बूथों पर बैठ न सकें। इसलिए आपको विकल्प तैयार रखने चाहिए। अगर किसी एक बूथ एजेंट को गिरफ्तार किया जाता है, तो उसकी जगह किसी दूसरे व्यक्ति को ले लेनी चाहिए। अगर जरूरत पड़ी, तो आपके परिवार की महिला सदस्यों को बूथ एजेंट की भूमिका निभानी होगी।”
उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, उनके नामों को दोबारा सूची में शामिल करवाने के लिए वह हर संभव प्रयास करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपके लिए, मैं सुप्रीम कोर्ट तक गई हूं। मैंने आपकी खातिर जमीन पर लड़ाई लड़ी है। मैं किसी भी कीमत पर हटाए गए नामों को फिर से शामिल करवाना सुनिश्चित करूंगी। अगर मैं अभी ऐसा नहीं कर पाया, तो यकीनन आने वाले दिनों में मैं इसे जरूर सुनिश्चित करूंगी।
चुनाव आयोग पर ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ के नाम पर आम लोगों को परेशान करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रक्रिया के कारण पश्चिम बंगाल में अब तक 250 लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने कहा कि आपको अपने मतपत्रों के जरिए इसका बदला लेना होगा। तृणमूल कांग्रेस को दिया गया आपका वोट ही वह बदला होगा।
भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अपने लंबे राजनीतिक करियर में उन्होंने कभी भी इतना गंदा राजनीतिक खेल नहीं देखा, जैसा कि वह अब देख रही हैं। सीएम ममता ने कहा कि मैं लंबे समय से राजनीति में हूं। पहले केंद्रीय मंत्री के तौर पर भी काम कर चुकी हूं। लेकिन, कभी भी इतना गंदा राजनीतिक खेल नहीं देखा, जैसा भाजपा खेल रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इतना गंदा राजनीतिक खेल खेलने के बावजूद भाजपा इस बार पश्चिम बंगाल पर कब्जा करने के अपने लक्ष्य में सफल नहीं हो पाएगी। हम भाजपा को बाहर निकालने के लिए अपना खेल खेलेंगे।