श्री द्वारकाधीश मंदिर में स्वर्ण-चादी की पिचकारी से टेसू के फूलों के रंग के साथ भक्तों ने खेली होली

मथुरा। रंग भरनी एकादशी पर आज कुंज में विराजमान होकर राजाधिराज ने भक्तों संग होली खेली। इस दौरान मंदिर में हजारो की संख्या में श्रद्धालु ने होली का खूब आनंद उठाया।
पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के मंदिर ठाकुर श्री द्वारकाधीश में प्रतिदिन चल रहे ब्रज के सुप्रसिद्ध रसिया गायन के साथ साथ आज ठाकुर जी ने कुंज में विराजमान होकर होली खेली। बसंत पंचमी के दिन से प्रारंभ हुआ होली उत्सव निरंतर गति पकड़ रहा है और आज रंगभरी एकादशी के दिन ठाकुर द्वारकाधीश जी महाराज ने टेसू के फूलों के रंग से स्वर्ण और चादी की पिचकारी के साथ भक्तों को प्रेम के रंग में सरावोर किया। पुष्टिमार्गीय संप्रदाय में शुद्ध टेसू के फूल अमीर गुलाल चोबा चंदन आदि सभी से ठाकुर जी को होली खिलाई जाती है। मंदिर प्रांगण में देश विदेश से आए सभी तीर्थयात्रियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया और ठाकुर जी के साथ जमकर होली खेली। इस अवसर पर द्वारकेश रसिया मंडल के द्वारा गायन किया जिसमें चुन्नीलाल छोटू पंडा और पोई प्रमुख रूप से शामिल थे और यह क्रम अभी निरंतर जारी रहेगा। 16 तारीख को ठाकुर जी बगीचे में विराजमान होकर होली खेलेंगे।