वृंदावन नाव हादसा: ठेकेदार-नाविक गिरफ्तार, लापरवाही से गई 11 श्रद्धालुओं की जान

मथुरा। वृंदावन में शुक्रवार को श्रद्धालुओं से भरी मोटर बोट के यमुना में पलटने से हुए दर्दनाक हादसे के मामले में थाना मांट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ठेकेदार और नाविक को गिरफ्तार कर लिया है। इस हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कई घायल हैं और कुछ लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश में सर्च ऑपरेशन निरंतर चल रहा है। डीएम सीपी सिंह के नेतृत्व में प्रशासन के अधिकारी पूरे दिन आज भी मौके पर मौजूद रहे।
11 अप्रैल 2026 को मुखबिर की सूचना पर जुगल घाट के सामने जहांगीरपुर खादर क्षेत्र से ठेकेदार नारायन निवासी मिरताना थाना मांट और नाविक पप्पू उर्फ दाऊजी निवासी जुगल घाट वृंदावन को गिरफ्तार किया गया। दोनों के खिलाफ थाना मांट में मुकदमा संख्या 76/2026 धारा 105 बीएनएस के तहत कार्रवाई की जा रही है।

घटना 10 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 3 बजे की है, जब पंजाब के 34 श्रद्धालु श्रृंगार घाट से नाव में सवार होकर वृंदावन से देवराहा बाबा आश्रम जा रहे थे। इसी दौरान वृंदावन तट की ओर खुले पैंटून पुल को ठेकेदार नारायण द्वारा जेसीबी से खिंचवाया जा रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक श्रद्धालुओं द्वारा बार-बार चेतावनी देने के बावजूद ठेकेदार और नाविक ने लापरवाही बरती जिसके चलते नाव और पैंटून पुल में जोरदार टक्कर हो गई और नाव यमुना में पलट गई। नाव में सवार सभी लोग नदी में गिर पड़े।

हादसे के बाद राहत और बचाव टीमों ने सभी 34 लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा जहां 11 लोगों (6 महिलाएं और 5 पुरुष) को मृत घोषित कर दिया गया। 8 घायलों का उपचार जारी है जबकि 10 लोग सुरक्षित हैं। फिलहाल 5 लापता व्यक्तियों की तलाश के लिए NDRF, SDRF और फ्लड PAC की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि नाविक ने बिना सेफ्टी किट के क्षमता से अधिक सवारियां बैठा रखी थीं, वहीं ठेकेदार द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के पैंटून पुल को खिंचवाया जा रहा था। इसी घोर लापरवाही के चलते यह बड़ा हादसा हुआ।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।