छाता (राजपथ मथुरा ब्यूरो/ अरुण ठाकुर) । सोमवार शाम को छाता तहसील के गांव नरी सेमरी के मेले में देवी मां के मंदिर पर आज तीज की चमत्कारिक आरती को देखने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर में धांधू भगत के वंशजों ने चमत्कारिक आरती में दीपकों की लौ सफेद कपड़े की चादर के आरपार निकल गई मगर चादर नहीं जली। यह देख मंदिर प्रांगण देवी मां के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। सर्वप्रथम मंदिर में आगरा के आए श्रद्धालु केशव बल गौड ने देवी मां के मंदिर से होते हुए चमत्कारिक आरती निकाली। उन्होंने बताया कि वर्षों से चली आ रही है इस प्रथा को पहले हमारे पूर्वज निभाते चले आ रहे थे जिनको अब हम निभा रहे हैं। नरी सेमरी देवी को वह अपनी कुलदेवी मानते हैं और इन्हें कांगड़ा देवी के नाम से भी जाना जाता है जो कि हिमाचल प्रदेश से चलकर यहां पर आती हैं । लोगों का मानना यह है कि जिस दिन आरती होती है उस दिन हिमाचल प्रदेश में मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं क्योंकि उस दिन देवी साक्षात रुप से इसी मंदिर में देवी मां अपने भक्तों को दर्शन देती हैं। लोगों का मानना है कि जो भी भक्त अपनी श्रद्धा के साथ इस मंदिर में आता है तो उसकी मनोकामना पूर्ण होती है नरी-सेंमरी वाली देवी मां को धांधू भगत नगरकोट (कांगड़ा) हिमाचल प्रदेश से अपने साथ लाए थे।
नरी-सेंमरी मंदिर पर लगने वाले मेला में आगरा के धांधू भगत के परिजनों की चमत्कारिक आरती आकर्षण का केंद्र होती है। ये आरती तीज को होती हैं जिन्हे देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में आए और देवी मां के दर्शन कर अपने आप को धन्य समझा। नवरात्रि पर्व के दौरान देवी मां के दर्शन करने के लिए प्रतिदिन हजारों लोगों की भीड़ यहां आ रही है।