यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला, शिक्षामित्र और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी, 25 लाख टैबलेट वितरण को मंजूरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने मंगलवार को कई अहम फैसलों पर मुहर लगाते हुए बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में मासिक बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। यह बढ़ा हुआ मानदेय अप्रैल माह से लागू होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक के बाद वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह और वन मंत्री अरुण सक्सेना ने फैसलों की जानकारी दी।

सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय को बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है। वहीं अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार से बढ़ाकर 17 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल से प्रभावी होगी। प्रदेश में एक लाख 42 हजार से अधिक शिक्षामित्र और करीब 24 हजार अनुदेशक इस फैसले से लाभान्वित होंगे।

कैबिनेट ने 25 लाख स्मार्ट टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है, जिन्हें प्रदेश के विद्यार्थियों को निःशुल्क वितरित किया जाएगा। इससे पहले 60 लाख स्मार्टफोन और टैबलेट वितरित किए जा चुके हैं।

औद्योगिक विकास से जुड़े आठ प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है। इनमें बुंदेलखंड में 100 एकड़ में सोलर प्लांट की स्थापना और प्रयागराज में 231 करोड़ रुपये की लागत से वाटर प्लांट लगाने जैसे निवेश प्रस्ताव शामिल हैं।

इसके अलावा पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर के 12 हजार से अधिक विभाजन काल में विस्थापित परिवारों को भारतीय नागरिकता के लिए पात्रता देने संबंधी प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है।
परिवहन विभाग के तहत पीपीपी मॉडल पर 49 नए बस अड्डों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। ये बस अड्डे आधुनिक सुविधाओं से युक्त होंगे और हवाई अड्डों की तर्ज पर विकसित किए जाएंगे। साथ ही हाथरस, बुलंदशहर और बलरामपुर में बस अड्डा निर्माण के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव भी पारित किए गए।
कैबिनेट के इन फैसलों को प्रदेश में शिक्षा, बुनियादी ढांचे और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।