बजट 2025: सरकार ने मिडिल क्लास को दिया बड़ा तोहफा, 12 लाख रुपये तक इनकम हुई टैक्स फ्री

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में मिडिल क्लास को बड़ा तोहफा दिया है। अब सालाना 12 लाख रुपये तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। यह व्यवस्था न्यू टैक्स रिजीम में की गई है। इसे सरकार का मिडिल क्लास को सबसे बड़ा तोहफा माना जा रहा है। वित्त मंत्री का कहना है कि इससे खपत को बढ़ावा मिलेगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि 12 लाख रुपये तक की आमदनी पर अब कोई आयकर नहीं लगेगा। इसमें जब स्टैंडर्ड डिडक्शन भी जोड़ देंगे तो वेतनभोगी लोगों के लिए 12.75 लाख रुपये की करयोग्य आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। वित्त मंत्री ने कहा है कि इस फैसले से मध्यम वर्ग पर करों को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी। उनके पास अधिक पैसा छोड़ने, घरेलू खपत, बचत और निवेश बढ़ाने का मौका होगा।

इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट होंगे सस्ते

लिथियम बैटरी और टीवी समेत इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट होंगे सस्ते। इसके अलावा इलेक्ट्रिक कारें सस्ती होंगी। मोबाइल से लेकर टीवी तक सस्ता होगा। इसके अलावा भारत में बनने वाले सभी तरह के इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट सस्ते होंगे। यह खबर भारतीय उद्योग और बैटरी निर्माण क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा है। सरकार ने कोबाल्ट पाउडर, लिथियम-आयन बैटरी के स्क्रैप, लेड, जिंक और अन्य 12 महत्वपूर्ण खनिजों को बेसिक कस्टम्स ड्यूटी (BCD) से छूट देने का निर्णय लिया है।

इस छूट का प्रभाव

  • इलेक्ट्रिक वाहन (EV) उद्योग को बढ़ावा: बैटरियों के लिए आवश्यक खनिज सस्ते होने से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के निर्माण की लागत घटेगी।
  • मेक इन इंडिया को बढ़ावा: घरेलू बैटरी निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती मिलेगी।
  • नवीकरणीय ऊर्जा सेक्टर को लाभ: लिथियम-आयन बैटरियों का उपयोग ऊर्जा भंडारण (energy storage) में भी किया जाता है, जिससे अक्षय ऊर्जा को समर्थन मिलेगा।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग उद्योग को सहायता: इन खनिजों की लागत में कमी से इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य विनिर्माण उद्योगों को भी लाभ होगा।

टीडीएस पर वित्त मंत्री ने क्या एलान किया?

उन्होंने कहा कि टीडीएस की सीमा में बदलाव किए जाएंगे ताकि इसमें एकरूपता लाई जा सके। वरिष्ठ नागरिकों के लिए टीडीएस में छूट की सीमा को 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया जाएगा। किराए से होने वाली आमदनी पर टीडीएस में छूट की सीमा को बढ़ाकर छह लाख रुपये किया जाएगा। वित्त मंत्री के अनुसार, नॉन-पैन मामलों में उच्च टीडीएस के प्रावधान लागू रहेंगे। अपडेटेड रिटर्न दाखिल करने की सीमा को दो साल से बढ़ाकर चार साल कर दिया है।

वित्त मंत्री के बजट 2024 के अनुसार पहले किसी करदाता की सालाना आय 7 लाख 75 हजार रुपये तो स्टैंडर्ड डिडक्शन के 75,000 रुपये घटाने के बाद उसकी आमदनी 7 लाख रुपये सालाना हो जाती थी। ऐसे में उसे कोई टैक्स नहीं देना पड़ता था। इसका मतलब है अगर किसी व्यक्ति का मासिक वेतन 64000 या 64500 रुपये के आसपास थी तो नई कर प्रणाली के तहत उसकी आमदनी टैक्स फ्री थी।