मथुरा। 138 एन आई टी एक्ट के एक मामले में अतिरिक्त न्यायालय के जज लाल बहादुर ने अभियुक्त घनश्याम पुत्र मोहन को दोषमुक्त कर दिया है । अभियुक्त घनश्याम के एडवोकेट राधाकृष्ण शर्मा राजू कटारा ने बताया कि परिवादी प्रार्थी आज़ाद सिंह ने न्यायालय में दो चैक वादी को दिए गए के लिए वाद दायर किया। वाद में दावा किया गया कि बैंक द्वारा उक्त चैको का भुगतान रोक देना की टिपण्णी के साथ वापस कर दिया गया जिस पर वादी ने न्यायालय में वाद दायर किया।
न्यायालय में वादी अपने द्वारा अभियुक्त को दिए बताए गए उधार के 3,50,000 रुपए को सिद्ध नहीं कर पाया और न ही वह अभियुक्त द्वारा चैक देना ही सिद्ध कर पाया जबकि अभियुक्त घनश्याम की ओर से एडवोकेट राधाकृष्ण शर्मा राजू कटारा ने न्यायालय में यह सिद्ध कर दिया कि उक्त चैक अभियुक्त ने प्लाट खरीदने की एवज में विक्रेता को दिए थे जिनमें रक़म तो लिख दी गई लेकिन नाम लिखने से रह गया। असल में अभियुक्त से ये चैक बैनामा कराते समय रजिस्ट्री कार्यालय में गिर गए थे जो कि वादी को किसी तरह मिल गए जिसके सम्बन्ध में पुलिस थाने में भी शिकायत दर्ज कराई गई थी और बैंक को भी सूचित किया गया। अब अतिरिक्त न्यायालय के जज लाल बहादुर ने इस वाद में अभियुक्त घनश्याम को दोष मुक्त कर दिया है।
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