मथुरा में अब आएगी फर्जी पत्रकारों की शामत, अधिकृत पत्रकारों की सूची थानो पर पहुंची

मथुरा। जनपद में बढ़ते फर्जी पत्रकारों पर अंकुश लगाने की कार्य योजना पुलिस विभाग द्वारा बनाई गई है। सभी पुलिस अधिकारियों एवं थाना चौकी प्रभारियों को निर्देश दिए गए कि वह इन पर सतर्क दृष्टि रखें तथा शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई करें। मथुरा वृंदावन शहरी क्षेत्र सहित जनपद के सभी कस्बा ग्रामीण क्षेत्रों में फर्जी पत्रकारों की फौज चहूंओर दिखाई दे जाएगी। कह सकते हैं ऐसा कोई गली मोहल्ला कॉलोनी नहीं होगी जहां कोई तथाकथित फर्जी पत्रकार मौजूद न हो। मथुरा में फर्जी पत्रकारों पर अंकुश लगाने के लिए ज्योति नगर निवासी विनीत चौधरी ने अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी को मुख्यमंत्री के नाम एक पत्र भेजा था जिस पर शासन ने कार्रवाई के लिए एसएसपी को निर्देशित किया। उन्होंने इसकी जांच एसपी सिटी से करवाई है। अपने शिकायती पत्र में चौधरी ने लिखा था कि मथुरा जनपद में फर्जी पत्रकारों की बाढ़ आई हुई है जिनके पास नाम मात्र की शैक्षिक योग्यता नहीं है। अधिकतर ये लोग अपराधिक प्रवृत्ति से जुड़े हुए हैं जो यूट्यूब चैनल पोर्टल बनाकर पत्रकारिता की आड़ में पुलिस थानों को घेरे रहते हैं। हर थाने में ऐसे 20-25 फर्जी पत्रकारों का झुंड हर समय थानों पर देखा जा सकता है।

पत्र में थाना राया का जिक्र करते हुए कहा कि मनोज पुत्र दाऊ दयाल नि कटेला इन दलालों का मुखिया है। इसके पास पत्रकारिता की कोई डिग्री भी नहीं है।
पत्र की जांच उपरांत एसपी सिटी एमपी सिंह ने अवगत कराया है कि मथुरा पुलिस फर्जी पत्रकारों पर कार्रवाई कर रही है। बीते 15 सितंबर को थाना फरह क्षेत्र के महुअन टोल प्लाजा पर फर्जी पत्रकार बनकर ट्रक एवम अन्य वाहनों से अवैध वसूली करने वाले चार पत्रकारों को गिरफ्तार भी किया गया था। उन्होंने अब सभी पुलिस उपाधीक्षक, थाना और चौकी प्रभारियों को निर्देश दे दिए हैं कि वह फर्जी पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई करें। जिला सूचना अधिकारी से मान्यता प्राप्त समाचार पत्र और न्यूज़ चैनलों के पत्रकारों की लिस्ट प्राप्त हुई है उसमें 31अधिकृत पत्रकारों के नाम है। इस सूची को सभी पुलिस अधिकारियों और थानों पर भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि फर्जी पत्रकारों पर दृष्टि रखें और कोई शिकायत आती है तो उस पर कठोर विधि सम्मत कार्रवाई की जाए।