मथुरा। सोमवार को जनपद में बाल श्रम उन्मूलन अभियान चलाया गया। अभियान के तहत थाना कोतवाली क्षेत्र के सौंख अड्डा, भैंस बहोरा, भरतपुर गेट एवं दरेसी रोड स्थित विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान 5 प्रतिष्ठानों पर 6 बाल श्रमिक खतरनाक कार्यों में तथा 1 किशोर गैर-खतरनाक कार्य में संलिप्त पाया गया।
इस पर श्रम विभाग की टीम ने संबंधित सेवायोजकों के खिलाफ मौके पर ही नोटिस जारी किए। टीम में श्रम प्रवर्तन अधिकारी एस.पी. पांडेय, चाइल्ड हेल्पलाइन के परियोजना समन्वयक कृष्ण कुमार सैनी, केसवर्कर नवीन तथा एएचटी थाना से उपनिरीक्षक संदीप राणा, मुख्य आरक्षी योगेश कुमार, जितेंद्र कुमार और महिला मुख्य आरक्षी सुशीला शामिल रहीं।
अभियान के दौरान कुछ दुकानदारों द्वारा विरोध भी किया गया जिस पर टीम ने उन्हें बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बाल श्रमिकों को काम पर न रखने के लिए चेतावनी दी।
विभाग के अनुसार बाल श्रमिकों से कार्य कराए जाने पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना या तीन साल तक की सजा अथवा दोनों का प्रावधान है, जबकि किशोरों से नियम विरुद्ध कार्य कराने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना या तीन माह तक की सजा अथवा दोनों दंड दिए जा सकते हैं।
Sign in
Sign in
Recover your password.
A password will be e-mailed to you.