मथुरा। जनपद में डेंगू के कहर ने जिला प्रशासन की नींद उडाकर रख दी है। कोराना की तीसरी लहर से संघर्ष करने के लिए तैयार प्रशासन डेंगू के सामने नतमस्तक नजर आ रहा है। कोरोनाकाल के दौरान जिस गति से वृद्धजनों की जाने गयीं थी उससे कहीं अधिक तेजी से अपने पाल्यों को खो रहे जनपद वासियों के दर्द को बयां करना आसान नही है। डेंगू के कारण अपनी इकलौती संतान को गंवाने वाले मोतीकुुंज निवासी इस शिक्षा विभाग के अधिकारी की पीड़ा से अब तक काफी संख्या में लोग वाकिफ हो चुके है।
ऐसे लोगों की संख्या शनैः-शनैः बढती ही जा रही है। जिले वर्तमान में मातम का दायरा कोरोना काल से कहीं अधिक बढ गया है। इस दौरान प्रशासनिक मशीनरी का रवैया अंधेरे में तीर चलाने जैसा है। जिसके प्रायः सभी प्रयास निरर्थक ही हो रहे है। यह डेंगू है या फिर कोरोना की तीसरी लहर किसी की समक्ष में नही आ रहा। यकायक प्लेटलेट को डकार जाने वाला इस तरह का डेंगू बुखार चिकित्सकों के लिए सिरर्दद बन गया है। वह मरीज की जान बचाने को तत्पर है मगर इस वायरल के सामने कुछ करपाने की स्थिति में नही है। जो लोग जान गंवा रहे है और जो इस बीमारी पर विजय पा रहे है। यह उनकी रोगप्रतिरोधक क्षमता पर निर्भर कर रहा है। चिकित्सक तो सिर्फ पुरानी पद्धति के आधार पर ही दवाईयां लिखकर अपने कार्य को आगे बढा रहे है। उनके समक्ष आये मरीज को वह बचा भी पायेंगे या नही यह वह स्वयं नही जानते। डेंगू बुखार के मरीज को लेकर विेशेयज्ञों का कहना है कि वर्तमान में हमारे खान-पान में जो तब्दीली आयी है यह उसी का परिणाम है। आजकल लोगों की रोगप्रतिरोधक क्षमता लगातार खराब स्थिति में पहुंच गयी है। यही कारण है कि लगातार बीमारियां हम पर हावी हो रहीं है।
जनपद में डेंगू के गंभीर मरीजों के लिए अब संकट पैदा होता जा रहा है। तीन प्रमुख ब्लड बैंकों में जंबो पैक किट समाप्त हो गई हैं। स्थिति को देखते हुए औषधि विभाग की सक्रियता बढ़ गई है और किट व्यवस्था को लेकर संपर्क करना शुरू कर दिया गया है। डेंगू मरीजों की प्लेटलेट्स कम होने पर परिजनों से जंबो पैक मंगवाए जा रहे हैं। मरीजों की संख्या एवं डिमांड बढ़ने पर ब्लड बैंकों की समस्या बढ़ गई है। शुक्रवार को कल्याण ब्लड बैंक, रोटरी ब्लड बैंक, लाइफ केयर ब्लड बैंक में जंबो पैक किट समाप्त हो गई हैं। नंबर लगाते हुए मरीजों के तीमारदारों को लौटाया जा रहा है। साथ ही समझाया जा रहा है कि जल्द किट आने पर कार्य शुरू हो जाएगा। सद्भावना ब्लड बैंक में शनिवार सुबह तक के नम्बर लगे हुए हैं। यहां कुछ किट गुरुवार रात प्राप्त हुई हैं। किटें प्राप्त नहीं हुईं तो समस्या पैदा हो जाएगी। भर्ती मरीजों के लिए खतरा संभव है। इधर डिमांड आने पर रक्तदाता फाउंडेशन के संचालक एवं सदस्य डोनर को लेकर व्यवस्था कराने में जुटे हुए हैं। किट न होने पर ब्लड बैंकों से डोनर भी लौट रहे हैं। फाउंडेशन के संचालक अमित गोयल के अनुसार डोनर हैं लेकिन ब्लड बैंकों में जंबो पैक किट नहीं हैं। डोनर बैंकों से लौटकर आ रहे हैं। सद्भावना ब्लड बैंक के डायरेक्टर संजीव सारस्वत के अनुसार किट कम मिल पा रही हैं। लोड बढ़ता जा रहा है। सुबह तक के नम्बर लगे हुए हैं।