नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने एक आदेश जारी कर अपने कर्मचारियों को छुट्टी यात्रा रियायत (एलटीसी) योजना के तहत तेजस, वंदे भारत और हमसफर एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रा करने की अनुमति दी है। इसका उद्देश्य छुट्टियों के दौरान अपने होमटाउन या पर्यटन स्थलों पर जाने के लिए कर्मचारियों को अधिक सुविधाजनक और तेज यात्रा विकल्प प्रदान करना है।
सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कर्मचारी अपनी पात्रता के आधार पर राजधानी, शताब्दी और दुरंतो ट्रेनों के अलावा इन प्रीमियम ट्रेनों का भी उपयोग कर सकते हैं।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने इस निर्णय का ऐलान कई सरकारी कार्यलायों और कर्मचारियों के अनुरोधों के बाद किया है। अंतिम आदेश जारी करने से पहले डीओपीटी ने व्यय विभाग के साथ बातचीत करके नए नियम भी तैयार कर लिए हैं। केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को छुट्टी यात्रा रियायत (एलटीसी योजना) के तहत उनकी रैंक और वेतन के आधार के अनुसार आने-जाने की यात्रा के लिए टिकट लागत की प्रतिपूर्ति मिलती है। कुछ प्रीमियम ट्रेनें जैसे राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी और दुरंतो पहले से ही इस योजना के अंतर्गत शामिल थीं, लेकिन हाल ही में शुरू की गई तेजस और वंदे भारत ट्रेनें इस योजना के दायरे से बाहर थीं। एलटीसी योजना में कर्मचारियों के लिए एक शर्त होती है कि वह चार साल की अवधि में होमटाउन या भारत में अन्य किसी गंतव्य की टिकट लागत की प्रतिपूर्ति ले सकते हैं।
एलटीसी योजना सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को दो विकल्प प्रदान किए जाते हैं। वे चार साल के ब्लॉक के भीतर दो बार अपने होमटाउन जाने की टिकट लागत की प्रतिपूर्ति करा सकते हैं जिसे दो-दो साल की अवधि में विभाजित किया गया है। उनके पास दूसरा विकल्प यह है कि वे दो साल की अवधि में एक बार अपने होमटाउन जाएं और बाकी दो साल की अवधि में भारत में किसी भी स्थान पर छुट्टियां मनाने जाएं और उस यात्रा की टिकट लागत की प्रतिपूर्ति करा लें।
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