मथुरा में भाजपा पार्षद को आंगनबाडी-सुपरवाईजर की शिकायत करना पडा भारी, हुई एफ आई आर

मथुरा। जनपद सहित शहरी क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा गरीब लोगों को दिया जाने वाले पुष्टाहार में गडबडी करना आम बात हो गई है, आंगनबाडी और सुपरवाईजर विभागीय अधिकारियों के भ्रष्टाचार के चलते गडबडझाला खुलकर कर रहे है, कोई विरोध करता है तो उसके खिलाफ एक राय होकर साजिशन कार्यवाही करने से भी नही घबराते। अपने क्षेत्र में कम पुष्टाहार वितरण की आवाज उठाने वाले एक भाजपा पार्षद को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है, आरोपी कमलेश द्वारा वार्ड नं. 32 के पार्षद चंदन आहुजा के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपने साथ मारपीट करने की कथित एफआईआर कराई गई है। इस मामले में बताया जाता है जिलाधिकारी को गुमराह किया गया है। एफआईआर दर्ज होने पर भाजपाई पार्षद लामबंद हो गये है, उन्होंने दर्जा प्राप्त (राज्यमंत्री) बाल विकास पुष्टाहार डा. देवेन्द्र शर्मा से भेंट कर उनको ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन पार्षद हेमंत अग्रवाल, हेमंत खंदौली, दीपक गोला, श्याम सिंह ठाकुर, प्रदीप अरोडा और चंदन आहुजा द्वारा दिया गया।
बताया जाता है कृष्णानगर क्षेत्र के वार्ड नं. 32 में काफी समय से आंगनबाडी कार्यकत्री नीरज अग्रवाल और सुपरवाईजर कमलेश द्वारा पुष्टाहार वितरण में खुली धांधली बरती जा रही है। इसकी शिकायत लगातार क्षेत्रीय नागरिक पार्षद चंदन आहुजा से करते रहे है। चंदन आहुजा ने नीरज और कमलेश से पूछा कि आप 500 ग्राम माल देकर रजिस्टर में एक किलो क्यूं लिखते है, इस पर उनका कहना था कि उपर से ही माल कम आता है परन्तु हमको रजिस्टर में पूरा दिखाना पडता है। इस पर पार्षद ने उनको नाराजगी जताई। कई बार पार्षद ने मुख्यमंत्री के जन सुनवाई पोर्टल पर इस सम्बन्ध में शिकायत दर्ज कराई। सुखदेव नगर में फर्जी पात्रों के नाम लिखने का आरोप है। लाभार्थियों को 500 ग्राम देकर एक किलो पर अंगूठा लगवाया जा रहा है। बीती 13 मई को इस मामले में जांच समिति बनाई गई।
गडबडझाले में अपने को फंसता देख सुपरवाईजर कमलेश ने आरोप लगाया कि पार्षद ने उसके साथ मारपीट की, वह गर्भवती है उसकों काफी परेशानी हो रही है। एक प्रार्थना पत्र के साथ कमलेश कुछ आंगनबाडी कार्यकत्रियों को लेकर डीएम से मिली। उनके आदेश पर पार्षद के खिलाफ मुकद्मा दर्ज हो गया। पार्षद का कहना है कि एफआईआर पूरी फर्जी है,उनके पास वीडियो साक्ष्य मौजूद है। इसके अलावा लाभार्थियों ने भी उनको लिखित में कम माल मिलने की शिकायत की है।