ठेकेदारों की लापरवाही से हजारों गरीबों का राशन अटका , मथुरा में मचा हाहाकार
29 मार्च को पहुंचा बाजरा, सिर्फ 2 दिन हुआ वितरण — कार्ड धारक परेशान, जांच की उठी मांग
मथुरा । जनपद में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन वितरण में भारी लापरवाही का मामला सामने आया है। एफसीआई के ठेकेदारों की मनमानी और हठधर्मिता के चलते मार्च माह का राशन समय पर दुकानों तक नहीं पहुंच सका, जिससे हजारों गरीब कार्ड धारक अपने हक के राशन से वंचित रह गए। जानकारी के अनुसार शासन द्वारा 12 मार्च से राशन वितरण की तिथि निर्धारित की गई थी और ठेकेदारों को 11 मार्च तक गेहूं, चावल एवं बाजरा उचित दर की दुकानों तक पहुंचाना था। लेकिन बाजरा 29 मार्च तक पहुंचाया गया, जिसके कारण मात्र 2 दिन ही वितरण हो सका। नतीजतन बड़ी संख्या में लाभार्थी राशन नहीं ले पाए। इस अव्यवस्था के चलते राशन की दुकानों पर कार्ड धारकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। राशन न मिलने से नाराज लोग दुकानदारों से विवाद कर रहे हैं और पूरे जनपद में असंतोष का माहौल बना हुआ है।
भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला महामंत्री यतेंद्र फौजदार ने इस मामले को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी सी.पी. सिंह से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदारों की लापरवाही के कारण गरीबों का हक मारा गया है और इससे सरकार की छवि भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं यह किसी साजिश के तहत सरकार को बदनाम करने की कोशिश तो नहीं है। उन्होंने मांग की कि दोषी ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो। राशन जैसी बुनियादी सुविधा में लापरवाही सीधे गरीबों की रोटी पर असर डालती है। ऐसे में जिम्मेदारों पर कार्रवाई और व्यवस्था में सुधार अब बेहद जरूरी हो गया है।