मथुरा में त्यौहार आते ही सोया हुआ खाद्य विभाग जागा, ताबड़तोड़ छापे, 29 नमूने भरे

मथुरा। त्यौहारी सीजन शुरू होते ही मथुरा का खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग परम्परागत तरीके से कुम्भकर्णी नींद से जाग उठा है। नवरात्रि व दशहरा पर्व के दृष्टिगत खाद्य सचल दल द्वारा विशेष अभियान चलाया गया है । विभिन्न स्थानों से 29 खाद्य पदार्थों के नमूनें विश्लेषण हेतु संग्रहित किए हैं।
खाद्य विभाग की टीम ने बाजारों से कुट्टू के आटा के सात, मूंगफली दाना का एक, सेंधा नमक के तीन, देशी घी के चार, रिफाइण्ड सोयाबीन ऑयल का एक, पेड़े के दो, समां का चावल का एक, सिंघाड़े का आटा का एक, साबूदाना का दो, अरहर दाल का एक, गाय के दूध का एक, शहद का एक, खोआ बर्फी का एक, पैक्ड काजू का एक, सूजी का एक, कुट्टू की मिगी का एक नमूना लिया है। इस प्रकार 29 नमूनें संग्रहित कर जांच हेतु राजकीय खाद्य प्रयोगशाला प्रेषित किये हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरान्त अग्रिम विधिक कार्यवाही की जायेगी। सचल दल में भरत सिंह मोहर सिंह कुशवाह अरूण कुमार दलवीर सिंह राम नरेश धर्मेन्द्र सिंह जितेन्द्र सिंह एवं रीना शर्मा सम्मिलित रहीं। खाद्य एवं पेय पदार्थों में मिलावट पर प्रभावी रोकथाम हेतु विशेष अभियान आगामी पर्वों तक जारी रहेगा।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने आम जनमानस से अपील की है कि कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, समां के चावल व साबुदाना की पैकेट पर निर्माण व अवसान तिथि देखकर ही खरीदे । साथ ही समस्त खाद्य कारोबारकर्ताओं को निर्देशित किया जाता है कि खुला कुट्टू का आटा का विक्रय न करें। जनपद मथुरा कुट्टू प्रोन क्षेत्र है यहां पर पूर्व में खुले कुट्टू के आटे के सेवन से फूड प्वाइजनिंग की घटनायें हो चुकी हैं। जिसके कारण खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा पूर्व में ही खुले कुट्टू के आटे के विक्रय/भंडारण पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है।