मथुरा। जनपद के कुछ निजी अस्पतालों को पीएम केयर फंड के तहत दिए गए वेंटीलेटर के मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है । इस पर खूब राजनीति हो रही है। इस बारे उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजीव गुप्ता ने खुलासा किया है कि वेंटीलेटर दिए जाने के मामले में कुछ भी गलत नहीं था यह लोन पर दिए गए थे जिन दो अस्पतालों को दिए गए थे वह भी सरकार द्वारा अधिग्रहत मेडिकल कॉलेज हैं और शासन के निर्देश पर ही इन्हें दिया गया था अब इन्हें वापस मंगा लिया गया है।
बताते चलें कि जनपद में पिछले साल जब कोरोना अपने चरम पर था और बेड व वेंटीलेटरों की कमी हो रही थी, आईसीयू के मरीज बढ़ने लगे तब केडी मेडिकल कॉलेज व केएम मेडिकल कालेज को बेड बढ़ाने को कहा गया तो प्रबंधन ने कहा कि हमारे पास वेंटीलेटर नहीं है। सितम्बर 2020 में शासन द्वारा पीएम केयर फंड के वेंटीलेटर जिला अस्पताल भेजे गये परन्तु इनका यहां पर कोई यूज नहीं हो रहा था तब शासन द्वारा सितम्बर में केडी मेडिकल कॉलेज को वेंटीलेटर उपलब्ध कराने के लिए कहा गया।
एसीएमओ डा. राजीव गुप्ता के अनुसार तत्कालीन सीएमओ द्वारा सीएमएस से कहा गया कि अगर वेंटीलेटर आप दे सकते हैं तो आप दे दें क्योंकि सरकार के द्वारा केडी व केएम दोनों ही अधिग्रहत मेडिकल कालेज हैं तब सितंबर में 11 वेंटीलेटर केडी को और दो केएम मेडिकल कालेज को लोन पर दिए गए। जब इनकी वापसी की तारीख आई तो कोरोना की दूसरी लहर आ गई। इस वक्त भी आईसीयू की भारी किल्लत हुई तब अप्रैल 2021 में दूसरी बार दो वेंटीलेटर और केडी मेडिकल कालेज को दिए गए। इस तरह केडी को 13 और केएम मेडिकल कालेज को 2 वेंटीलेटर दिए गए। उन्होंने कहा कि जो सरकार द्वारा अधिग्रहत मेडिकल कालेज होते हैं उन्हें ही हम यह सुविधा दे सकते हैं किसी ओर को नहीं दे सकते। इसके अलावा भी रेडमीशिविर इंजेक्शन, वीटीएम वाइल के अलावा शुरू में पीपीई किट भी इन अस्पतालों को दी गई थी। कुछ लोगों कह रहे हैं कई अस्पतालों को यह वेंटीलेटर दिए गए जो कि सरासर गलत है।
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