अब कूड़े के ढेर में नहीं फेंकी जाएंगी खंडित देवी-देवताओं की प्रतिमाएं , नगर निगम ने बनाई विशेष टीम
यमुना किनारे निर्धारित स्थलों पर पूरे सम्मान के साथ होगा प्रतिमाओं का निस्तारण, धार्मिक भावनाओं के सम्मान के साथ स्वच्छता की अनूठी पहल
मथुरा । धर्म और आस्था की नगरी मथुरा-वृंदावन में धार्मिक भावनाओं के सम्मान और स्वच्छता को लेकर नगर निगम ने एक संवेदनशील पहल शुरू की है। अब पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के बाद सड़कों के किनारे पेड़ों के नीचे घाटों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लावारिस अवस्था में पड़ी मिलने वाली देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को कूड़े के ढेर में नहीं फेंका जाएगा। नगर निगम की विशेष टीम इन प्रतिमाओं को एकत्रित कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत यमुना किनारे तय स्थलों पर पूरे सम्मान के साथ उनका निस्तारण करेगी।
नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने बताया कि मथुरा-वृंदावन में लंबे समय से यह समस्या सामने आ रही थी कि पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के बाद पुरानी अथवा खंडित देवी-देवताओं की प्रतिमाएं लोग सार्वजनिक स्थानों पर छोड़ देते थे। कई बार ये प्रतिमाएं नगर निगम के कूड़ा स्थलों तक पहुंच जाती थीं। इससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होने की आशंका रहती थी।
इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम ने विशेष कार्यबल का गठन किया है। यह टीम सार्वजनिक स्थानों पर छोड़ी गई प्रतिमाओं को एकत्रित करेगी और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार यमुना किनारे चिह्नित स्थलों पर उनका सम्मानजनक निस्तारण सुनिश्चित करेगी। नगर आयुक्त ने कहा कि यह पहल केवल शहर की सफाई तक सीमित नहीं है बल्कि लोगों की आस्था का सम्मान करने और धार्मिक परंपराओं की गरिमा बनाए रखने का भी प्रयास है। छोटे-छोटे प्रयासों और संवेदनशील सोच से ब्रज की धार्मिक गरिमा को बनाए रखने के साथ सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखा जा सकता है।
नगर निगम ने लोगों से भी अपील की है कि वे पुरानी अथवा खंडित प्रतिमाओं को सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर न छोड़ें तथा इस अभियान में सहयोग करें। नगर निगम का संकल्प है कि सभी के सहयोग से ब्रज को स्वच्छ और सुंदर बनाया जाए।