नई दिल्ली । निर्वाचन आयोग के दो आयुक्तों की कथित लिखित आपत्तियों से जुड़ी खबर को लेकर विपक्षी दलों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आयोग की विश्वसनीयता प्रभावित करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं।
माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने आरोप लगाया कि आयोग एक व्यक्ति के नियंत्रण में है और संसद को ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि विपक्षी सांसदों ने 24 अप्रैल 2026 को इस संबंध में नोटिस दिया था। विपक्ष ने एसआईआर की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
आप नेता सौरभ भारद्वाज ने विपक्षी दलों से इस मुद्दे पर एकजुट होने की अपील की। तृणमूल कांग्रेस सांसद सागरिका घोष ने भी एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसके लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त को जिम्मेदार ठहराया।