लखनऊ । राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को अंडमान निकोबार का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। शनिवार देर रात राष्ट्रपति भवन से उनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी की गई। डॉ. दिनेश शर्मा का राजनीतिक और शैक्षणिक जीवन काफी समृद्ध रहा है। वे लंबे समय तक लखनऊ विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग में प्राध्यापक रहे और शिक्षण कार्य के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी के संगठन में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे। धीरे-धीरे उन्होंने संगठन में अपनी मजबूत पकड़ बनाई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।
लखनऊ की राजनीति में उनकी पहचान तब मजबूत हुई, जब वे पहली बार नगर निगम चुनाव में महापौर चुने गए। इसके बाद उन्होंने लगातार दूसरी बार भी महापौर पद पर जीत दर्ज की। नगर राजनीति से आगे बढ़ते हुए वे भाजपा संगठन में राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे। वर्ष 2014 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया। इसी दौरान उन्हें गुजरात भाजपा का प्रभारी भी नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई। सदस्यता अभियान सहित कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का सफल संचालन उनके कार्यकाल की विशेषता रहा।
वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार बनने पर डॉ. शर्मा को उपमुख्यमंत्री बनाया गया। योगी आदित्यनाथ सरकार के पहले कार्यकाल में उनके पास माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे महत्वपूर्ण विभाग रहे। हालांकि वर्ष 2022 में भाजपा की दोबारा सरकार बनने पर उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया। इसके बाद सितंबर 2023 में पार्टी ने उन्हें राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया, जहां वे निर्विरोध निर्वाचित होकर संसद के उच्च सदन में पहुंचे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अंडमान निकोबार के उपराज्यपाल के रूप में उनकी नियुक्ति उनके लंबे संगठनात्मक अनुभव और प्रशासनिक समझ का परिणाम है। उनकी इस नई जिम्मेदारी को भाजपा नेतृत्व द्वारा विश्वास और सम्मान के रूप में भी देखा जा रहा है।