उत्तर प्रदेश में 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त सफर , सीएम योगी ने किया शुभारम्भ
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना’ का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर महिला सुरक्षा पेंशन भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय प्रदेश में ‘देख सपाई बिटिया घबराई’ का नारा चलता था लेकिन अब महिला सुरक्षा को व्यवस्था और तकनीक से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए जेल या जहन्नुम एक जगह तय होगी। सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तर प्रदेश बनाना है जहां बेटियां घर से निकलकर पढ़ाई नौकरी और कारोबार कर सकें तथा रात में भी सुरक्षित घर लौट सकें।
योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा सम्मान और स्वावलंबन के लिए प्रभावी व्यवस्था नहीं थी। न पर्याप्त हेल्पलाइन थी न कमांड सेंटर और न ही सीसीटीवी का व्यापक नेटवर्क। सरकारी योजनाओं में बिचौलियों और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं को मिलने वाली सहायता भी पूरी तरह उनके खातों तक नहीं पहुंचती थी।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति केंद्र एआई आधारित सेफ सिटी नेटवर्क और 1090 तथा 112 जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि 2017 में प्रदेश में करीब 10 हजार महिला पुलिसकर्मी थीं जबकि अब यह संख्या करीब 45 हजार पहुंच गई है। आगामी भर्ती के बाद महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 50 हजार से अधिक होने की उम्मीद है। सपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले महिलाओं को पेंशन के नाम पर केवल 300 रुपये मिलते थे और उसमें भी भ्रष्टाचार होता था। अब पात्र महिलाओं को सालाना 12 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है और धनराशि सीधे बैंक खातों में पहुंच रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि लाभार्थी के खाते से पैसा निकालने या उसमें गड़बड़ी करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
योगी ने कहा कि सरकार की योजनाओं का केंद्र अब बेटी और महिला है। बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा रोजगार और उद्यमिता तक अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी के जन्म से स्नातक स्तर तक विभिन्न चरणों में आर्थिक सहायता दी जा रही है। सामूहिक विवाह योजना के जरिए भी आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जा रही है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना ने महिलाओं को रसोई के धुएं से राहत देने के साथ कई बीमारियों से बचाने में भी मदद की है। शौचालय नल से जल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से महिलाओं का जीवन आसान हुआ है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पहले प्रदेश में नकल माफिया भूमि माफिया बालू माफिया और पशु माफिया समानांतर सत्ता चला रहे थे। उस समय बेटियों के जन्म पर परिवार उनकी पढ़ाई और शादी के खर्च को लेकर चिंतित रहता था। उन्होंने कहा कि पहले बेटियां बस पकड़ने से ही नहीं बल्कि सपने देखने से भी डरती थीं।
‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना’ के तहत उत्तर प्रदेश की 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को परिवहन निगम की बसों में प्रदेश के भीतर निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। सरकार के अनुमान के मुताबिक प्रतिदिन करीब 88 हजार 438 महिला यात्रियों को इस योजना का लाभ मिल सकता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर **27 28 और 29 अगस्त** को प्रदेश की महिलाएं एक सहयात्री के साथ निशुल्क बस यात्रा कर सकेंगी। इसके बाद उत्तर प्रदेश की निवासी 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को स्थायी रूप से निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। पात्र महिलाओं की पहचान और यात्रा व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए परिवहन निगम की ओर से विशेष स्मार्ट कार्ड जारी किया जाएगा। योजना से सरकार पर हर महीने करीब 22.55 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई के नाम पर शुरू की गई यह योजना बुजुर्ग महिलाओं को सुविधा के साथ सम्मान और आत्मनिर्भरता का संदेश देती है। सरकार का उद्देश्य है कि उम्र महिलाओं की स्वतंत्र आवाजाही में बाधा न बने और वे बिना आर्थिक बोझ के प्रदेश में कहीं भी आ-जा सकें। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आई महिलाओं से मुख्यमंत्री ने संवाद भी किया। उन्नाव से आई एक महिला ने योजना के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि अब जरूरी काम या रिश्तेदारों के यहां जाने के लिए उन्हें यात्रा खर्च के लिए परिवार पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। परिवहन विभाग के मुताबिक रक्षाबंधन के दौरान तीन दिनों तक महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा की व्यवस्था रहेगी। रोडवेज बसों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए जीपीएस और पैनिक बटन जैसी तकनीकी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।