नई दिल्ली । यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के 10 वर्ष पूरे होने पर केंद्रीय मंत्रियों ने इसे भारत की डिजिटल क्रांति का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया है। मंत्रियों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच से शुरू हुई यूपीआई की यात्रा आज भारत के डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को दुनिया के कई देशों तक पहुंचा रही है। यूपीआई अब फ्रांस सिंगापुर यूएई ग्रीस और मॉरिशस समेत 11 देशों में ऑपरेशनल हो चुका है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी पोस्ट में कहा गया कि यूपीआई ने भारत में आसान और तेज भुगतान की सुविधा देने के साथ ही सीमाओं के पार डिजिटल लेनदेन को भी संभव बनाया है। यह भारत के डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर की वैश्विक पहुंच का उदाहरण बन चुका है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यूपीआई को प्रधानमंत्री मोदी की सोच से शुरू हुई क्रांति और डिजिटल इंडिया की झलक बताया। उन्होंने कहा कि आज देश में डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल इतनी तेजी से बढ़ा है कि “क्यूआर कोड प्लीज?” करोड़ों भारतीयों की रोजमर्रा की बातचीत का हिस्सा बन चुका है।
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में यूपीआई भारत की डिजिटल यात्रा में क्रांतिकारी ताकत बन गया है। यूपीआई ने भुगतान को तेज आसान सुरक्षित और अधिक सुलभ बनाया है। इससे बड़ी संख्या में भारतीय वित्तीय भागीदारी के नए दौर से जुड़े हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यूपीआई को इनोवेशन के जरिए भारत के बदलाव के सफर में प्रधानमंत्री मोदी के विजन का बेहतरीन उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यूपीआई ने भारत की तकनीकी क्षमता और डिजिटल परिवर्तन की ताकत को दुनिया के सामने रखा है।
13 हजार गुना बढ़े यूपीआई लेनदेन
वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक यूपीआई के एक दशक के सफर में डिजिटल लेनदेन में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2016-17 में यूपीआई के जरिए जहां केवल 1.78 करोड़ लेनदेन हुए थे वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 24,162 करोड़ हो गई। यानी एक दशक में यूपीआई लेनदेन की संख्या करीब 13 हजार गुना बढ़ गई।
यूपीआई की यह सफलता केवल भारत में डिजिटल भुगतान के विस्तार तक सीमित नहीं है बल्कि अब यह भारतीय डिजिटल मॉडल की वैश्विक स्वीकार्यता का भी प्रतीक बन रही है। छोटे दुकानदार से लेकर बड़े कारोबार तक क्यूआर कोड और मोबाइल आधारित भुगतान ने लेनदेन के तौर-तरीकों को पूरी तरह बदल दिया है। दस वर्षों में यूपीआई ने भारत को दुनिया के सबसे बड़े रियल टाइम पेमेंट सिस्टम के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।