वृन्दावन। उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं श्रीहरिदासबिहारी फाउंडेशन के पूर्व अध्यक्ष श्री अरुण कुमार सिंह ‘मुन्नाभैयाजी’ का अक्षय तृतीया (20 अप्रैल) को प्रयागराज स्थित नंदनी हॉस्पिटल में उपचार के दौरान निधन हो गया। वह 81 वर्ष के थे और लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
उनके निधन पर वृंदावन में श्रीहरिदासबिहारी फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सभा में उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और भगवान श्री बाँकेबिहारी जी महाराज से उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान देने की कामना की।
अंतरराष्ट्रीय सेवायत परिषद के संस्थापक एवं इतिहासकार आचार्य प्रहलादबल्लभ गोस्वामी ने बताया कि निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर जौनपुर जिले के रामनगर (मुगरा बादशाहपुर) स्थित पैतृक आवास लाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद प्रयागराज के रसूलाबाद घाट पर पूरे राजकीय सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
दिवंगत नेता की धर्मपत्नी डॉ. चंद्रलता सिंह एक प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं, जबकि उनके पुत्र डॉ. अनिरुद्ध कुमार सिंह देश-विदेश में ख्याति प्राप्त शिक्षाविद् हैं। श्रद्धांजलि सभा में आशुकवि आचार्य प्रेमबल्लभ गोस्वामी, पंडित मुकेश पुरोहित, लक्ष्मण सिंह, पंडित नवीन पुरोहित सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सोनिया गांधी को वृंदावन लाने का रहा विशेष योगदान
इतिहासकार आचार्य प्रहलादबल्लभ गोस्वामी के अनुसार वर्ष 2002 में 10 अक्टूबर को तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मुन्नाभैयाजी अपने प्रयासों से कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया गांधी को वृंदावन लेकर आए थे। इस दौरान उनके साथ मोतीलाल वोरा भी मौजूद रहे। उन्होंने श्री बाँकेबिहारी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रसाद एवं आशीर्वाद ग्रहण किया
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