ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले के विरोध में मथुरा में वामदलों ने निकाला शांति मार्च

मथुरा। वामदलों-भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के आह्वान पर अखिल भारतीय सांप्रदायिकता विरोधी समिति के संयुक्त तत्वावधान में ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले के विरोध में मंगलवार को नागरिक शांति मार्च निकाला गया। यह मार्च डैंपियर नगर स्थित भगत सिंह प्रतिमा से प्रारंभ होकर विकास बाजार स्थित गांधी स्मारक तक गया जिसमें कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी भाग लिया।
शांति मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘अमरीकी साम्राज्यवाद मुर्दाबाद’, ‘ट्रंप तेरी तानाशाही नहीं चलेगी’, ‘विश्व शांति जिंदाबाद’ और ‘अमरीका-इजरायल मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाए। मार्च में सैकड़ों कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भाग लेकर युद्ध के विरोध में आवाज उठाई।
गांधी स्मारक पर आयोजित सभा की अध्यक्षता सांप्रदायिकता विरोधी समिति के नेता शिवदत्त चतुर्वेदी ने की। सभा को संबोधित करते हुए भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के नेता नसीर शाह एडवोकेट और मधुवन दत्त चतुर्वेदी एडवोकेट, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के गफ्फार अब्बास एडवोकेट, नरेंद्र सिसोदिया और याकूब शाह, सीपीएम के टीकेंद्र शाद, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुकेश धनगर, सांप्रदायिकता विरोधी समिति के मनोज गौड़, एआईएसएफ के रवि शर्मा तथा समाजवादी पार्टी के प्रहलाद यादव ने ईरान पर हमले की कड़ी निंदा की।
वक्ताओं ने कहा कि जिनेवा वार्ता जारी रहते हुए ईरान पर एक तरफा हमला कर युद्ध की शुरुआत करना विश्व शांति के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने अमेरिका और इजरायल के गठजोड़ को इसकी जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि इससे स्वतंत्र देशों की संप्रभुता पर खतरा पैदा हो रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि वैश्विक तनाव का असर आम जनता पर भी पड़ रहा है और महंगाई तथा एलपीजी के दामों में बढ़ोतरी से आम आदमी प्रभावित हो रहा है।
शांति मार्च में लोकतंत्र सेनानी मास्टर रूप किशोर, राधा चौधरी, गीता दिवाकर, एड. वर्षा रानी, एड. चारु सिंह, सीपीआई के नगर सचिव अब्दुल अशफाक, सोहनलाल, दुर्गा प्रसाद, मा. वीरेंद्र सिंह, अमीर चंद, पदम सिंह, सीपीआई (माले) के विशन चंद, अमन शाह, विवेक रियार, एड. राहुल अमीन, एड. बनवारी लाल, एड. योगेश पाराशर, एड. अमित चतुर्वेदी, एड. जाविद कुरैशी, एड. महेश सिसोदिया, एड. किशन सिंह, कांग्रेस के प्रवीण भास्कर, भारत सेठ, महेश चतुर्वेदी, उपेंद्र चतुर्वेदी, कामरेड सौरभ चतुर्वेदी, पेट्रोलियम वर्कर्स यूनियन के सचिव जनक सिंह, लक्ष्मण लवानिया, गरीब दास सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सभा में वक्ताओं ने अमेरिका-इजरायल पर निहित स्वार्थों के लिए विश्व शांति और स्वतंत्र देशों की संप्रभुता को खतरे में डालने का आरोप लगाते हुए इसकी कड़ी निंदा की।