वेटेरिनरी विवि का 15वां दीक्षांत समारोह: मेधावियों को मिलीं उपाधियां, राज्यपाल ने दी सफलता की ‘कृष्ण सीख’
मथुरा। उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान (वेटेरिनरी कॉलेज) में मंगलवार को 15वां दीक्षांत समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर कुलाधिपति व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक और उपाधियां प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों में नया जोश भरा। उन्होंने कहा, “मथुरा भगवान श्रीकृष्ण की पावन लीला स्थली है, लेकिन वर्तमान में आपका समय श्रीकृष्ण की लीलाओं पर ध्यान देने का नहीं, बल्कि अपनी पढ़ाई और करियर पर एकाग्र होने का है। जब आप पूरी ईमानदारी और मेहनत से पढ़ाई करेंगे, तभी सफलता आपके कदम चूमेगी। उन्होंने युवा डॉक्टरों से अपील की कि वे देश के विकास में योगदान दें और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को प्राथमिकता के आधार पर सुविधाएं पहुंचाएं।

समारोह में राज्यपाल के साथ भारत सरकार के पशुपालन आयुक्त डॉ. नवीन बी. महेश्वरप्पा और पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने उपाधियां वितरित कीं।
उपाधियां: 69 बीवीएससी, 74 स्नातकोत्तर (MVSc), 5 पीएचडी और 29 बायोटेक्नोलॉजी की उपाधियां दी गईं।
पदक: उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 14 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य पदक से नवाजा गया।
विशेष सम्मान: स्नातकोत्तर के 4 और पीएचडी के 1 सर्वश्रेष्ठ शोध प्रबंध (Thesis) के साथ ही ‘सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार’ भी प्रदान किया गया। इस दौरान तीन महत्वपूर्ण पुस्तकों का अनावरण भी हुआ।
राज्यपाल ने मंच से थपथपाई डीएम की पीठ
दीक्षांत समारोह के दौरान एक दिलचस्प वाकया तब हुआ जब राज्यपाल ने मंच से ही मथुरा के जिलाधिकारी सीपी सिंह की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सरकारी सुविधाओं पर हर जरूरतमंद का हक है। राज्यपाल ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि डीएम ने सोमवार को एक 112 वर्षीय वृद्धा को मात्र तीन दिन में पेंशन दिलाने के जो आदेश दिए वह सराहनीय है। इसके साथ ही उन्होंने ब्रज क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों और डीएम की कार्यशैली की भी सार्वजनिक रूप से प्रशंसा की।