देश में नहीं है पेट्रोल-डीजल की कोई कमी, सोशल मीडिया पर फैली खबरें निकलीं फर्जी; तेल कंपनियों ने बताई पूरी सच्चाई

नई दिल्ली । सोशल मीडिया पर पेट्रोल और डीजल की कमी की अफवाहें तेजी से फैल रही हैं, जिसके चलते कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ लग गई है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इन अफवाहों को पूरी तरह निराधार बताया है। कंपनी ने कहा, “सोशल मीडिया पर पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर फैल रही खबरें पूरी तरह निराधार हैं। भारत में ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति व वितरण नेटवर्क सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “इंडियन ऑयल निर्बाध ईंधन आपूर्ति बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नागरिकों को आश्वस्त किया जाता है कि किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। कृपया पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।” यह पोस्ट मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, विशेष रूप से ईरान-इजरायल संघर्ष और अमेरिका की भागीदारी के बीच आई है, जहां वैश्विक क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ रही हैं। कुछ वायरल मैसेजेस और रील्स में दावा किया गया कि ईंधन की कमी हो सकती है या कीमतें 500 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच सकती हैं, जिससे हैदराबाद, पुणे और अन्य शहरों में पैनिक बाइंग देखी गई। पंपों पर लंबी कतारें लगीं, लेकिन सरकारी सूत्रों और तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई स्थिति नहीं है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत के पास क्रूड ऑयल और रिफाइंड प्रोडक्ट्स (पेट्रोल, डीजल, एटीएफ आदि) का पर्याप्त स्टॉक है, जो लगभग 25 दिनों के क्रूड और कुल मिलाकर 8 सप्ताह की मांग को पूरा करने लायक है। रूस से तेल आयात पर अमेरिका द्वारा 30 दिनों की अस्थायी छूट भी मिली है, जिससे सप्लाई चेन प्रभावित नहीं हो रही। पेट्रोलियम मंत्रालय और अन्य कंपनियां जैसे भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) ने भी इसी तरह के बयान जारी कर अफवाहों का खंडन किया है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कोई राशनिंग या कीमत वृद्धि की कोई योजना नहीं है।