‘विकसित भारत’ का आधार बनेगी तेज आर्थिक प्रगति: पीएम मोदी
बजट वेबिनार में प्रधानमंत्री का मंत्र— 'क्वालिटी, क्वालिटी और क्वालिटी'; कहा- दुनिया देख रही भारत की ओर
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बजट के बाद आयोजित वेबिनार सीरीज के दूसरे सत्र को संबोधित किया। ‘स्टेनिंग एंड स्ट्रेंथनिंग इकोनॉमिक ग्रोथ’ (आर्थिक विकास को मजबूती और सुदृढ़ीकरण) विषय पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि आज वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) बदल रही है और ऐसे में भारत पूरी दुनिया के लिए आशा की किरण बनकर उभरा है। पीएम मोदी ने देश के उद्यमियों और विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की प्रगति का रोडमैप बिल्कुल साफ है। उन्होंने चार स्तंभों पर जोर देते हुए कहा: “हमारी दिशा स्पष्ट है, हमारा संकल्प स्पष्ट है— अधिक निर्माण करें, अधिक उत्पादन करें, अधिक कनेक्ट करें और अब अधिक निर्यात की आवश्यकता है।”
प्रधानमंत्री ने विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र के लिए सफलता का मूल मंत्र देते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब हमें सिर्फ उत्पादन ही नहीं, बल्कि श्रेष्ठता पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा दुनिया आज चीन जैसे देशों के विकल्प के रूप में ‘विश्वसनीय और लचीले’ विनिर्माण साझेदारों की तलाश में है। भारत इस भूमिका को निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
प्रधानमंत्री ने बजट प्रावधानों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए आयोजित इस वेबिनार सीरीज की सराहना की। उन्होंने कहा कि हजारों विशेषज्ञों और हितधारकों का एक साथ जुड़कर सुझाव देना अपने आप में एक सफल प्रयोग है। यह सक्रिय भागीदारी ही ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना को धरातल पर उतारने का आधार बनेगी।
प्रधानमंत्री ने अंत में विश्वास जताया कि तीव्र आर्थिक विकास ही आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करेगा।