डैंपियर नगर के पाञ्चजन्य प्रेक्षागृह में भव्य हिंदू सम्मेलन, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक समरसता पर हुआ मंथन

मथुरा।
शहर की पॉश कॉलोनी डैंपियर नगर स्थित पाञ्चजन्य प्रेक्षागृह में रविवार को हिंदू सम्मेलन का आयोजन धूमधाम से किया गया। सम्मेलन में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता कर हिंदू समाज की एकता, राष्ट्रप्रेम एवं सामाजिक समरसता पर विचार रखे।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय बौद्धिक प्रमुख एवं प्रचारिका डॉ. शरद रेनू ने कहा कि हिंदू परिवार में मां की भूमिका केवल एक स्त्री तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह बच्चे की पहली गुरु होती है। उनका दायित्व बच्चे की नींव मजबूत करना होता है, इसलिए प्रत्येक हिंदू मां को अपने बच्चों को राष्ट्रप्रेमी बनाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने आरएसएस द्वारा प्रस्तुत “पंच परिवर्तन” विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य और सामाजिक समरसता जैसे विषय यदि समाज अपना ले, तो भारत को विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्व गुरु कोई पद या कुर्सी नहीं, बल्कि ऐसा भाव है जिससे पूरा विश्व प्रेरणा ले।
अखंड भारत परिषद अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी ब्रह्मानंद महाराज ने कहा कि जब हिंदू समाज संगठित होता है तो उसकी शक्ति भगवान हनुमान के समान हो जाती है और फिर कोई भी कार्य असंभव नहीं रहता। इतिहास में इसके अनेक उदाहरण मिलते हैं जब संगठित हिंदू समाज ने कठिन से कठिन कार्यों को सफलतापूर्वक संपन्न किया।
मुख्य वक्ता आरएसएस के भवेंद्र ने कहा कि हिंदुओं को एकजुट होता देख विघटनकारी शक्तियां सक्रिय हो जाती हैं और नए-नए षड्यंत्र रचती हैं। समाज को चाहिए कि अफवाहों से दूर रहकर आपसी एकता बनाए रखे।
मंच से बोलते हुए सरदार बलविंदर ने कहा कि सिख हिंदू समाज का ही अंग हैं। गुरुवाणी में राम शब्द का अनेक बार उल्लेख मिलता है और पहले हिंदू परिवारों का शक्तिशाली बेटा सिख बनता था।
आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं भदौरिया ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स के चेयरमैन हरिकृष्ण भदौरिया ने हिंदू सम्मेलन और हिंदू एकता को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने सम्मेलन में सहयोग देने वाले सभी संगठनों एवं समाज के सज्जनजनों का आभार जताया और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में सहयोग देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इसके पश्चात शिवाय एवं रिया ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया तथा सरस्वती शिशु मंदिर के बच्चों ने भगत सिंह पर आधारित लघु नाटिका का मंचन किया।
सम्मेलन का संचालन साधना सक्सेना एवं दिव्या अग्रवाल ने किया।
कार्यक्रम में ब्रजेश चतुर्वेदी, जुगल श्रीवास्तव, राकेश सक्सेना, अभिनव गोल्डी, आदित्य चतुर्वेदी, हर्षित सिसौदिया, चिराग अग्रवाल, नितिन, विजय अग्रवाल, कमल किशोर, मुरारी लाल अग्रवाल, शशांक अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने सहयोग किया।