खामेनेई की मौत से भारत में उबाल, लखनऊ से लेह–लद्दाख तक सड़कों पर उतरा जनसैलाब
नई दिल्ली । अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आते ही भारत के विभिन्न हिस्सों में आक्रोश फैल गया। इस घटना के विरोध में देश के कई राज्यों में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और अमेरिका व इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताते हुए इसे “मानवता पर हमला” करार दिया। लोगों ने ईरान के साथ एकजुटता जताते हुए हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर विरोध दर्ज कराया। कई जगहों पर ट्रैफिक बाधित रहा, जबकि पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिया।
इसी तरह लेह-लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में भी विरोध-प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं। श्रीनगर, अनंतनाग और अन्य क्षेत्रों में लोगों ने सड़कों पर उतरकर नारेबाजी की और मृतक नेता के प्रति संवेदना प्रकट की। सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र में अलर्ट मोड पर हैं और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त चौकसी बरती जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि खामेनेई की मौत से पश्चिम एशिया में हालात और ज्यादा विस्फोटक हो सकते हैं। इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक शांति पर भी पड़ेगा। भारत में हो रहे प्रदर्शनों से साफ है कि इस घटना ने देश के सामाजिक और राजनीतिक माहौल को भी प्रभावित किया है।
प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है और अफवाहों से बचने का आग्रह किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश को सख्ती से रोका जाएगा।