मथुरा पुलिस की बड़ी जीत: दिल्ली के तीन शातिर लुटेरों को 14-14 साल की कठोर कैद
ऑपरेशन कन्विक्शन: चैन छीनकर फायरिंग करने वाले अपराधियों को एडीजे-06 कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला
मथुरा/छाता । उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत मथुरा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना छाता क्षेत्र में चैन लूट और जानलेवा हमला करने वाले दिल्ली के तीन शातिर अपराधियों को न्यायालय ने 14-14 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। प्रभावी पैरवी और ठोस साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने तीनों दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है। प्रकरण वर्ष 2012 का है, जब दिल्ली के पालम गांव निवासी बदमाशों ने छाता इलाके में दहशत फैलाई थी। अभियुक्तों ने एक राहगीर के गले से सोने की चैन छीन ली थी और विरोध करने पर जान से मारने की नीयत से उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों को अवैध हथियारों सहित गिरफ्तार किया था।
न्यायालय एडीजे-06, मथुरा ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर प्रदीप डोगरा पंजाबी (निवासी पालम गांव, नई दिल्ली) शाहिद अली (निवासी राजनगर, नई दिल्ली) दिनेश बैरवा (निवासी मंगलापुरी, नई दिल्ली) को दोषी पाया। माननीय न्यायाधीश ने तीनों अभियुक्तों को विभिन्न धाराओं (392/307/34/411 भादवि एवं शस्त्र अधिनियम) के तहत 14-14 वर्ष की जेल और प्रत्येक पर 3,000-3,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
एसएसपी मथुरा श्लोक कुमार के निर्देशन में अभियोजन विभाग और थाना छाता पुलिस ने इस केस में गुणवत्तापूर्ण विवेचना की। ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत पुराने लंबित मामलों में गवाहों को समय पर पेश करना और वैज्ञानिक साक्ष्यों को मजबूती से रखना इस सजा का मुख्य आधार बना । पुलिस प्रशासन ने इसे अपराधियों के लिए कड़ा संदेश बताया है।